0 कलेक्टर ने बच्चों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाकर किया शुभारंभ
रायपुर, 12 फरवरी (आरएनएस)। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आज ग्राम कोसरंगी, आरंग स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने किया। उन्होंने स्कूली बच्चों को हाथीपांव (फाइलेरिया) से बचाव हेतु दवा खिलाकर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान कुल 184 बच्चों को एमडीए की दवा का सेवन कराया गया।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि फाइलेरिया जैसी संक्रामक बीमारी को सामूहिक सहभागिता और नियमित दवा सेवन से पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए प्रेरणादायी संदेश भी दिया। कलेक्टर ने कहा कि जैसे कड़वी दवा शरीर की कमियों को दूर कर स्वास्थ्य बेहतर बनाती है, वैसे ही शिक्षा जीवन को संवारने वाली दवा है। शिक्षक मार्गदर्शन, परीक्षा और अतिरिक्त सीख के माध्यम से विद्यार्थियों का जीवन गढ़ते हैं। उन्होंने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने और चुनौतियों के बीच रास्ता निकालने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कलेक्टर ने कहा, पढ़ाई एक ऐसा माध्यम है जो सामान्य व्यक्ति को विशिष्ट बनाती है। जो ठान लेता है, वह जीवन में अवश्य सफल होता है।
स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि फाइलेरिया मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलने वाला रोग है। संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद मच्छर अन्य स्वस्थ व्यक्तियों को संक्रमित कर देते हैं, जिससे हाथीपांव एवं हाइड्रोसील जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
उल्लेखनीय है कि यह अभियान 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक संचालित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि निर्धारित तिथि में फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन अवश्य करें और इस जनस्वास्थ्य अभियान को सफल बनाएं।
कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायपुर श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम आरंग श्रीमती अभिलाषा पैकरा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी अनंत, विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती अनीता कुंती लकड़ा सहित शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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