रायपुर, 16 फरवरी 2026 (आरएनएस) औद्योगिक क्षेत्र उरला में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से रायपुर कमिश्नरेट की ओर से “संवाद से समाधान” कार्यक्रम के तहत अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधिकारियों ने उद्योगपतियों से सीधे संवाद कर सुरक्षा संबंधी जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
यह बैठक रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के नॉर्थ जोन के अंतर्गत आयोजित की गई। कार्यक्रम उरला स्थित उरला एसोसिएशन हॉल में संपन्न हुआ। पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम, सहायक पुलिस आयुक्त उरला पूर्णिमा लामा एवं थाना प्रभारी उरला मौजूद रहे। बैठक में उरला इंडस्ट्रियल एरिया के उद्योग प्रतिनिधि और एसोसिएशन के पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कमिश्नरेट प्रणाली की दी जानकारी अधिकारियों ने उद्योगपतियों को शहर में लागू कमिश्नरेट प्रणाली के बारे में विस्तार से बताया और इसके तहत पुलिस को मिले अधिकारों की जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि औद्योगिक क्षेत्र में किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मजदूर सत्यापन अनिवार्य बैठक में फैक्ट्रियों में कार्यरत बाहरी मजदूरों और कर्मचारियों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही नाबालिगों को काम पर नहीं रखने और श्रम कानूनों का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया गया।
CCTV और सुरक्षा मानकों पर फोकस पुलिस ने सभी औद्योगिक इकाइयों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और कम से कम 30 दिनों का फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। फैक्ट्री अधिनियम और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने, समय-समय पर इमरजेंसी ड्रिल कराने तथा प्री और पोस्ट डिजास्टर मैनेजमेंट की तैयारियों पर भी जोर दिया गया।
सड़क लाइटिंग और अपराध रोकथाम औद्योगिक क्षेत्र के आसपास चोरी और लूट जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए रोड साइड लाइटिंग की समुचित व्यवस्था करने को कहा गया। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देने के लिए उद्योगपतियों को प्रेरित किया गया।
बैठक के अंत में उद्योगपतियों ने पुलिस के निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया और पहल के लिए आभार जताया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि “संवाद से समाधान” अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल और मजबूत हो सके।


















