बीजापुर, 23 फरवरी (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष गिरधारी नायक ने अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान बीजापुर स्थित पुनर्वास केंद्र का दौरा कर पुनर्वासित युवाओं से आत्मीय मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं से खुलकर संवाद किया और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली।
संवाद के दौरान युवाओं ने नक्सल संगठन में रहने के दौरान उत्पन्न कठिनाइयों और चुनौतियों को साझा किया। अध्यक्ष नायक ने उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हुए वर्तमान में मिल रही सुविधाओं, सुरक्षा, कौशल प्रशिक्षण एवं आजीविका के अवसरों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि मुख्यधारा में लौटने का निर्णय साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक है, जो न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन बल्कि समाज के लिए भी सकारात्मक संदेश देता है।
नायक ने मानव अधिकारों के दृष्टिकोण से पुनर्वासित युवाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की तथा सरकार द्वारा संचालित पुनर्वास एवं स्वरोजगार योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का मूल्यांकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुनर्वासित युवाओं को कौशल विकास, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जोडऩे में किसी प्रकार की कमी न रहे।
इस दौरान कलेक्टर संबित मिश्रा और पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव सहित जिला एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी गण भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पुनर्वास प्रक्रिया, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं स्वरोजगार योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
अध्यक्ष गिरधारी नायक ने युवाओं को मुख्यधारा में लौटने पर शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि शासन-प्रशासन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने युवाओं से आत्मनिर्भर बनकर समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
पुनर्वास केंद्र में यह संवाद कार्यक्रम आशा, विश्वास और सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त संदेश देने वाला रहा।
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