कोरबा 25 फरवरी (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था पिछले कुछ समय से पटरी से उतरी हुई है। राशन सामग्री की आपूर्ति में हो रही देरी और अव्यवस्थाओं से तंग आकर बड़ी संख्या में राशन दुकान संचालक मंगलवार को सरकारी वेयरहाउस (गोदाम) जा पहुँचे। यहाँ संचालकों और वेयरहाउस कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई और धक्का-मुक्की में बदल गई।
राशन दुकान संचालकों का आरोप है कि जब वे वितरण में हो रही देरी की जानकारी लेने वेयरहाउस पहुँचे, तो वहां पदस्थ प्रोग्रामर शिवा ने उनके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच झूमाझपटी शुरू हो गई। संचालकों का कहना है कि समय पर राशन नहीं मिलने के कारण उन्हें राशन कार्ड धारकों (जनता) के गुस्से का सामना करना पड़ता है, जबकि गलती वेयरहाउस प्रबंधन की है।
राशन दुकान संघ के अध्यक्ष विनोद मोदी और संरक्षक राम सिंह अग्रवाल ने बताया कि जिले में राशन वितरण पूरी तरह अनियमित है। संचालकों ने आरोप लगाया कि शहर के लिए निर्धारित राशन सामग्री को ग्रामीण क्षेत्रों में डायवर्ट किया जा रहा है। शहर की लगभग 78 दुकानों में से अधिकांश के पास पर्याप्त स्टॉक नहीं पहुँचा है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो जिले की सभी राशन दुकानें अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी जाएंगी।
हंगामे की सूचना मिलते ही तहसीलदार और नायब तहसीलदार दीपक पटेल मौके पर पहुँचे। उन्होंने दोनों पक्षों को शांत कराया और स्थिति का जायजा लिया। तहसीलदार ने संचालकों को आश्वस्त किया कि तकनीकी और लॉजिस्टिक समस्याओं को दूर कर जल्द से जल्द राशन का उठाव और वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं कर्मचारियों और संचालकों के बीच हुए विवाद की भी आंतरिक जांच की बात कही गई है।
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