जोया अफरोज ने बहुत कम उम्र में इंडस्ट्री में कदम रख दिया था। उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट ‘हम साथ साथ हैंÓ और ‘मनÓ जैसी फिल्मों में काम किया। इसके अलावा टीवी शोज ‘कोरा कागजÓ और ‘सोन परीÓ में भी उनकी मौजूदगी ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई।
कैमरे के सामने पली-बढ़ी जोया कहती हैं कि उन्हें हमेशा से एक्टिंग की बारीकियां समझने का मौका मिला। लेकिन बचपन की पहचान को पीछे छोड़कर एक परिपक्व कलाकार के रूप में खुद को बनाना करना आसान नहीं था।
जोया का मानना है कि इंडस्ट्री में खुद को नए रूप में पेश करना सिर्फ बड़े ऐलान करने से नहीं होता। असली बदलाव तब दिखता है जब कलाकार अपने काम से दर्शकों को चौंकाए।
जोया के मुताबिक, ‘आप कितनी भी बातें कर लें, लेकिन जब तक आपकी परफॉर्मेंस स्क्रीन पर असर नहीं छोड़ती, तब तक लोग आपको नए नजरिए से नहीं देखते।Ó
वह मानती हैं कि शोहरत का दौर आता-जाता रहता है, लेकिन लगातार अच्छा काम ही एक कलाकार को लंबे समय तक टिकाए रखता है। जोया अपनी आने वाली फिल्म ‘ये दिल सुन रहा हैÓ को अपने करियर का अहम पड़ाव मानती हैं। उनका कहना है कि यह प्रोजेक्ट उनके अंदर के संवेदनशील और भावनात्मक पक्ष को सामने लाएगा।
जोया आखिरी बार तस्करी वेब सीरीज में नजर आईं थीं, जो नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी। इसमें इमरान हाशमी हैं, जो ईमानदार कस्टम अधिकारी की भूमिका में हैं जबकि शरद केलकर विलेन के रूप में हैं।
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