बलौदाबाजार 6 मार्च 2026(आरएनएस) जिले में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता ने सख्त तेवर दिखाए। पुलिस कार्यालय के सभा कक्ष में दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक चली छह घंटे की मैराथन अपराध समीक्षा बैठक में जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों के साथ राजपत्रित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जनवरी और फरवरी माह के अपराधों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान लंबित अपराध, विवेचना की गुणवत्ता, मर्ग, चालान, शिकायत और न्यायालयीन प्रकरणों की स्थिति पर गहन चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गंभीर और संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई के साथ निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन, गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया, ताकि अपराधियों को न्यायालय में सजा दिलाई जा सके।
बैठक के दौरान आदतन अपराधियों, गुंडा और निगरानी बदमाशों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही फरार वारंटियों की गिरफ्तारी तेज करने और जिले में अवैध मादक पदार्थों, जुआ-सट्टा जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने पर जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
एसपी भावना गुप्ता ने थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे साइबर सेल के साथ समन्वय स्थापित कर नेटग्रिड प्रणाली का प्रभावी उपयोग करें, ताकि अपराधियों की पहचान और गुमशुदा व्यक्तियों की पतासाजी तेजी से हो सके। साथ ही स्थानीय स्तर पर मिलने वाली जन-शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी गंभीर या संवेदनशील घटना की जानकारी तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाए और हत्या, लूट, डकैती जैसे गंभीर मामलों में थाना प्रभारी स्वयं एफआईआर दर्ज करना सुनिश्चित करें।
नशे और मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाते हुए एसपी ने निर्देश दिए कि नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाए और एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। जब्त गांजा और अन्य मादक पदार्थों का विधिवत नष्टीकरण कराया जाए। इसके अलावा आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत जब्त अवैध शराब के मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए।
डिजिटल पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए बैठक में ई-चालान, ई-समन और ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि डिजिटल प्रणाली के उपयोग से कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और तेज होगी।
आगामी विधानसभा सत्र को देखते हुए जिले में कानून व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश देते हुए एसपी ने थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाने और अधीनस्थ स्टाफ को स्पष्ट दिशा-निर्देश देने को कहा। साथ ही रात्रि गश्त के प्वाइंट बढ़ाकर गश्त व्यवस्था को और अधिक सक्रिय बनाने पर भी जोर दिया गया, ताकि अपराधों की रोकथाम प्रभावी ढंग से हो सके।
बैठक में पुलिस अधीक्षक ने यह भी निर्देश दिया कि थाना या चौकी में आने वाले आम नागरिकों और फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि जनता के साथ व्यवहार से बनती है, इसलिए हर व्यक्ति के साथ संवेदनशील और सहयोगात्मक रवैया अपनाया जाए।
इसके साथ ही “प्रयास अभियान” के तहत थाना या चौकी में आने वाले आवेदकों से क्यूआर कोड के माध्यम से अनिवार्य रूप से फीडबैक फॉर्म भरवाने के निर्देश दिए गए, ताकि पुलिस सेवा की गुणवत्ता का आकलन किया जा सके और प्राप्त सुझावों के आधार पर व्यवस्था में सुधार किया जा सके।
करीब छह घंटे तक चली इस मैराथन बैठक के अंत में एसपी भावना गुप्ता ने सभी अधिकारियों को चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। जिले में अपराध पर अंकुश लगाने और बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करने के लिए अब पुलिस विभाग और अधिक सक्रिय और सख्त नजर आएगा।


