रायपुर-कोरबा , 07 मार्च (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ सरकार के एक आदेश ने प्रशासनिक महकमे में खलबली मचा दी है। खासकर कोरबा निगम के गलियारे में। कोरिया जिले में पदस्थ छात्रावास अधीक्षक को प्रतिनियुक्ति पर कोरबा नगर निगम में सहायक राजस्व अधिकारी बनाकर भेज दिया गया है। निगम में उन्हें संपदा अधिकारी की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है, जो उनके लीक से हटकर कार्य है।
जारी आदेश के अनुसार सचिन तिवारी, जो वर्तमान में बालक छात्रावास कटगोडी, विकासखंड सोनहत, जिला कोरिया में छात्रावास अधीक्षक के पद पर पदस्थ हैं, उन्हें प्रतिनियुक्ति पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को सौंप दिया गया है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विभाग ने इसके लिए अनापत्ति भी प्रदान कर दी है।
राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के 2 दिसंबर 1988 के परिपत्र के प्रावधानों के तहत सचिन तिवारी को सहायक राजस्व अधिकारी के पद पर अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक नगर पालिक निगम कोरबा में पदस्थ किया गया है।
यह आदेश नवा रायपुर अटल नगर से जारी किया गया है, जिस पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अवर सचिव अजय तिर्की के डिजिटल हस्ताक्षर हैं।
सरकारी आदेश सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सवाल उठ रहे हैं कि छात्रावास अधीक्षक को सीधे नगर निगम के राजस्व और संपदा से जुड़े कार्य की जिम्मेदारी देना कितना उचित है? अब सबकी नजर इस पर है कि इस नियुक्ति का निगम के राजस्व और संपदा प्रबंधन पर क्या असर पड़ता है। इसके पहले भी अपर कलेक्टर रैंक के अधिकारी डिप्टी कलेक्टर नीरज कौशिक को नगर निगम में उपायुक्त बनाकर बैठा दिया गया है जबकि पूर्व से ही बीपी त्रिवेदी और पवन वर्मा उपायुक्त की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
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