विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विभागों की अनुदान मांगें पारित
रायपुर, 11 मार्च 2026(आरएनएस) छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु कुल 11 हजार 470 करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपये की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इसमें वित्त विभाग, आवास एवं पर्यावरण विभाग, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग तथा वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग शामिल हैं।
मंत्री ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और तकनीकी सुधार के जरिए मजबूत आर्थिक व्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
=आवास और नवा रायपुर के विकास पर विशेष जोर=
मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। गृह निर्माण मंडल की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सरकार ने पुराने ऋण का एकमुश्त भुगतान किया है।
लंबे समय से अविक्रित संपत्तियों को बेचने के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की गई, जिसके तहत अब तक 1410 संपत्तियां लगभग 210 करोड़ रुपये में बेची जा चुकी हैं।
पिछले दो वर्षों में गृह निर्माण मंडल द्वारा प्रदेश के 27 जिलों में 3069 करोड़ रुपये के 78 नए प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। इन परियोजनाओं के तहत 16 हजार 782 नई संपत्तियों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
=पर्यावरण संरक्षण के लिए तकनीकी निगरानी व्यवस्था=
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। उद्योगों से निकलने वाले फ्लाई ऐश और अन्य अपशिष्ट के सुरक्षित परिवहन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की गई है।
इसके अलावा Industrial Waste Management and Monitoring System (IWMMS) के जरिए जीपीएस और जियोटैगिंग के माध्यम से फ्लाई ऐश के परिवहन और निपटान की निगरानी की जा रही है।
राज्य में प्रदूषण नियंत्रण के लिए CG Nigrani पोर्टल भी शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से 124 उद्योगों के उत्सर्जन और प्रदूषण स्तर की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है।
=नवा रायपुर बनेगा राष्ट्रीय शिक्षा केंद्र=
मंत्री ने बताया कि नवा रायपुर में पहले से ही HNLU, IIIT और IIM जैसे संस्थान संचालित हैं। अब यहां NIFT, NIELIT और NFSU जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की स्थापना भी प्रस्तावित है।
इसके साथ ही NMIMS संस्थान की स्थापना का रास्ता भी साफ हो गया है, जिससे नवा रायपुर को राष्ट्रीय स्तर का शैक्षणिक केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
=जीएसटी 2.0 से जनता को राहत=
वाणिज्यिक कर विभाग की चर्चा के दौरान मंत्री ने बताया कि जीएसटी 2.0 के तहत कई कर सुधार किए गए हैं। खाने-पीने की वस्तुओं पर जीएसटी शून्य किया गया है, कपड़ों पर टैक्स 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत और सीमेंट पर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।
इसके अलावा मोटरसाइकिल, कार, फ्रिज, टीवी और एसी जैसे उत्पादों पर भी जीएसटी घटाकर 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत किया गया है। इससे उपभोक्ताओं को हजारों रुपये की बचत होगी।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में जीएसटी राजस्व संग्रह में 18 प्रतिशत वृद्धि दर्ज कर छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर रहा।
=पंजीयन विभाग में बड़े सुधार=
पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग में भी कई सुधार किए गए हैं। आम नागरिकों की सुविधा के लिए रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में रजिस्ट्री कार्यालयों की संख्या बढ़ाई गई है।
वीजा सेंटर की तर्ज पर 10 स्मार्ट रजिस्ट्री कार्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। पारिवारिक दान पत्र, हकत्याग पत्र और बंटवारा नामे के लिए पंजीयन शुल्क घटाकर सिर्फ 500 रुपये कर दिया गया है।
=वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में कदम=
राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड का गठन किया गया है, जिसमें फिलहाल 50 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
इसके अलावा भविष्य की पेंशन देनदारियों के बेहतर प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ पेंशन निधि अधिनियम 2025 लागू कर पेंशन फंड की स्थापना की गई है।

