सूरजपुर, 13 मार्च (आरएनएस)। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) प्रमाणीकरण (नेशनल क्वालिटी ऐसोरेंस स्टेनड्रेड क्वालिफिकेशन) स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सार्वजनिक स्वास्थ्य केन्द्रों (जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर) की सेवाओं में सुधार एवं उन्हे मान्यता देने के लिए विकसित एक व्यापक प्रमाणीकरण मानक है। यह मूल्यांकन केन्द्र स्तर से गठित टीम द्वारा किया जाता है। यह 8 प्रमुख क्षेत्र सर्विस प्रोवाइजन, पेटेंट राइटस, इन्पुटस, स्पोर्टस सर्विस, क्लिीनिकल केयर इंफेक्शन कन्ट्रोल, क्वालिटी मेनेजमेंट एवं आउटकम पर केन्द्रित है इसका उद्देश्य बेहतर प्रदर्शन करने वाली स्वास्थ्य केन्द्रों को पहचान एवं मूल्यांकन कर प्रमाणित करना तथा शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रो की विश्वसनीयता में सुधार करना है। जिला कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कपिल देव पैकरा एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक संदीप नामदेव के मार्गदर्शन में जिला सूरजपुर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में वृद्धि मे लिए निरंतर कार्य कर रहा है। इस क्रम में जिले की 52 शासकीय स्वास्थ्य संस्थ्य केन्द्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर (एनक्यूएएस सरटिफिकेशन) प्राप्त कर लिया है। जिले की राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणित स्वास्थ्य संस्थाए है। जिला चिकित्सालय 19 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बसदेई, केतका, अजबनगर, सोनगरा, चुनगढ़ी, सिलोटा, धरमपुर, पंपापुर, रमकोला, धरसेड़ी, गणेशपुर, लांजित, देवनगर, चंदरपुर, चेन्द्र, भांड़ी, गोरपानी, मोहरसोप, सलका एवं 32 आयुष्मान आरोग्य मंदिर शिवप्रसादनगर, खोपा, नावापाराकला, दवनकरा, केवरा बोझा, जजावल, पकनी (प्रतापपुर), पलढ़ा, नारायणपुर, बरबसपुर, चपदा, मेन्ड्रा, भांड़ी, रघुनाथपुर, नयाकरकोली, भाकुरा, पीढ़ा, कपसरा पकनी (ओडग़ी), इंदरपुर, कमलपुर, रामनगर, जयनगर, गंगापुर, डेडरी, सुन्दरपुर, रामेश्वरम, सरमा, अखोरा, नयनपुर एवं कुरूवा है। इस वर्ष फरवरी 2026 में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र विश्रामपुर, प्रतापपुर तथा भैयाथान का एनक्यूएएस मूल्यांकन कराया गया। चेकलिस्ट अनुसार लगातार 03 दिनों तक अस्पताल के दस विभाग, समान्य प्रशासन, आई.पी.डी., ओ.पी.डी.,लैब, प्रसव कक्ष, आपातकालीन सेवा, एन.बी.एस.यू. आक्जिलेरी सेवा, रेडियोलॉजी, इन्फेक्शन कंट्रोल तथा संचालित राष्ट्रीय कार्यक्रम को राष्ट्रीय मानक के आधार पर आंकलन प्रारंभ कर अस्पताल के सभी विभागों की सेवाओं एवं स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यकुशलता को परख कर इलाज के दौरान मरीजों से किए जा रहे व्यवहार सेकेंड विथ ओकेईएन स्कैन को भी आंका गया। इसी क्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बंजा, बतरा, करसी, करंजी का भी दो दिवसीय तथा 14 आयुष्मान आरोग्य मंदिर का 01 दिवसीय एनक्यूएएस मूल्यांकन कराया गया है। वर्तमान में जिले में 52 स्वास्थ्य संस्थाएं राष्ट्रीय स्तर पर एनक्यूएएस प्रमाणित है, 21 स्वास्थ्य संस्थाए मूल्यांकन पश्चात परिणाम प्रतीक्षित है, 15 स्वास्थ्य संस्थाओं का मार्च-अप्रैल में मूल्यांकन होना है तथा अभी भी शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र एनक्यूएएस प्रमाणीकरण हेतु आवेदन कर ही रही है, वर्तमान में जिला सूरजपुर राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणीकरण में राज्य में प्रथम रैंक में जो जो कि अत्यंत हर्ष का विषय है, जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता बढ़ाने की यह महत्वपूर्ण पहल है।
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