गुणवत्ता, सस्टेनेबिलिटी और एआई से बढ़ेगी भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा
# IIP के ISPI 2026 में 1,500 से अधिक प्रतिभागी और 50 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि, एआई व सस्टेनेबल पैकेजिंग पर हुई चर्चा
नई दिल्ली, 13 मार्च (आरएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को भारतीय पैकेजिंग संस्थान (IIP) द्वारा नई दिल्ली में आयोजित 6वें इंटरनेशनल समिट फॉर पैकेजिंग इंडस्ट्री (ISPI 2026) के दूसरे दिन वर्चुअल माध्यम से ‘भारत पैकेजिंग एग्ज़ीबिशन 2027’ का शुभारंभ किया। पैकेजिंग 5S-AI – सेफ, सिक्योर, स्टैंडर्डाइज्ड, स्मार्ट, सस्टेनेबल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” थीम पर आयोजित इस समिट के दूसरे दिन उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। संसद का सत्र जारी रहने के कारण केंद्रीय मंत्री कार्यक्रम में स्वयं उपस्थित नहीं हो सके। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभागियों के लिए एक विशेष वीडियो संदेश भेजकर अपने विचार साझा किए। अपने संदेश में पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में पैकेजिंग का महत्व लगातार बढ़ रहा है। बदलते खाद्य तंत्र, उपभोग के नए पैटर्न और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों के कारण सुरक्षित और टिकाऊ खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ रही है, जिससे पैकेजिंग खाद्य सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और उपभोक्ता विश्वास का एक अहम आधार बन गई है। उन्होंने कहा कि कृषि-खाद्य क्षेत्र, विशेषकर निर्यात के क्षेत्र में भारत तेजी से उभर रहा है। बेहतर कोल्ड-चेन ढांचे और नवीन पैकेजिंग समाधानों की मदद से भारतीय उत्पाद अब वैश्विक प्रीमियम बाजारों तक पहुंच रहे हैं।
वैश्विक मानकों की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भारत जैसे-जैसे विभिन्न फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) के माध्यम से व्यापार का विस्तार कर रहा है, वैसे-वैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पैकेजिंग और भी महत्वपूर्ण होती जाएगी। इससे निर्यात को मजबूती मिलेगी और उत्पादों की गुणवत्ता व सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग जैसे संस्थान उद्योगों को तकनीकी मार्गदर्शन, नवाचार, परीक्षण सेवाओं और प्रशिक्षण के माध्यम से महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे हैं। यह तीन दिवसीय समिट 14 मार्च 2026 को संपन्न होगा, जिसमें सरकार और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करने और वैश्विक व्यापार को समर्थन देने के लिए पैकेजिंग प्रणालियों को सुदृढ़ बनाने पर आगे की चर्चा होगी।

