रायपुर,15 मार्च (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ में एक कथावाचक का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में कथावाचक डॉ. राम अनुरागी ने कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल पर श्रीमद्भागवत कथा कराने के बाद भुगतान नहीं देने का आरोप लगाया है। इससे आहात होकर उन्होंने छत्तीसगढ़ विधानसभा के सामने आत्मदाह की धमकी दी है। वहीं मामले में अब मंत्री राजेश अग्रवाल का बयान सामने आया है। उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनका इस आयोजन से कोई संबंध नहीं है और यह उनके ऊपर दबाव बनाने की कोशिश है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर वायरल वीडियो में कथावाचक डॉ. रामानुरागी महाराज ने आरोप लगाया कि 2 जनवरी से 9 जनवरी 2026 तक उन्होंने अंबिकापुर के लखनपुर गांव में श्रीमद्भागवत कथा किया था. उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम के बाद उन्हें पैसे नहीं दिए गए. जब भी वे पैसे मांगने के लिए जाते है, उन्हे धक्का देकर किनारे कर दिया जाता है. उन्होंने आगे कहा कि मैं सरकार से कहना चाहता हूं कि, सनातन धर्म की यही मर्यादा है क्या ? संत का अपमान किया जा रहा है. इसके बाद कथावाचक ने विधानसभा के बाहर आत्मदाह करने की धमकी दी है.वहीं इस मामले में मंत्री राजेश अग्रवाल का भी बयान सामने आया है। उन्होंने वायरल वीडियो को लेकर कहा कि पिछले दो-तीन दिनों से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक कथित भागवत कथाकार उनके ऊपर कथा करवाकर पैसा नहीं देने का आरोप लगा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय नमो सेवा दल नामक एक फर्जी संस्था द्वारा आवेदन दिया गया था कि लखनपुर में भागवत कथा करानी है, जिसके लिए संस्कृति विभाग से विभिन्न खर्चों के लिए 15 लाख रुपये की आवश्यकता है। मैंने उन्हें स्पष्ट मना किया था कि ऐसे किसी भी कार्यक्रम के लिए सरकार द्वारा धनराशि नहीं दी जाती है। लेकिन उन्होंने आग्रह किया, तो मैंने कहा कि ठीक है, मैं अपने उच्चाधिकारियों को भेज देता हूं। हो जाएगा तो मिल जाएगा, नहीं तो संभव नहीं है।
त्रिपाठी
०००

