बीजापुर, 18 मार्च (आरएनएस)। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के विशेष अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुपोषण मुक्त बीजापुर के संकल्प को साकार करने हेतु एक भव्य जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बीजापुर मुख्यालय स्थित तेंदूपत्ता हॉल में उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम के दौरान बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 तथा महिला हेल्पलाइन नंबर 181 के संबंध में विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। उपस्थित महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं उपलब्ध सहायता सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके वैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना एवं बच्चों में कुपोषण जैसी गंभीर समस्या के प्रति समाज को संवेदनशील बनाना था। इस अवसर पर विशेषज्ञों एवं विभागीय अधिकारियों ने महिलाओं को पोषण आहार, संतुलित खान-पान तथा बच्चों के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
कार्यक्रम में कुपोषण के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि सही पोषण, समय पर टीकाकरण एवं स्वच्छता अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। साथ ही महिलाओं को अपने बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करने तथा आवश्यकता पडऩे पर नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्रों से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी भी प्रदान की गई, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें और अपने परिवार के बेहतर भविष्य की दिशा में सशक्त भूमिका निभा सकें।
इस जन-जागरूकता अभियान ने न केवल महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग किया, बल्कि कुपोषण मुक्त बीजापुर के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने कुपोषण के खिलाफ जागरूकता फैलाने एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
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