वॉशिंगटन ,19 मार्च । अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने बुधवार को पाकिस्तान को अमेरिका के सामने मौजूद प्रमुख परमाणु खतरों में से एक बताया। उन्होंने पाकिस्तान को रूस और चीन जैसी बड़ी ताकतों की श्रेणी में रखा। साथ ही, ईरान समेत कई देशों द्वारा विकसित की जा रही मिसाइल क्षमताओं को लेकर चिंता जताई।
गबार्ड ने कहा, खुफिया समुदाय का आकलन है कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान विभिन्न प्रकार के नए, उन्नत और पारंपरिक मिसाइल डिलीवरी सिस्टम के विकास में लगे हैं। इनमें परमाणु और पारंपरिक पेलोड शामिल हैं, जो अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम हो सकते हैं।
उन्होंने सांसदों को बताया कि खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम मिसाइलों की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। यह संख्या 2035 तक बढ़कर 16,000 से अधिक हो सकती है, जो वर्तमान में लगभग 3,000 है।
ब्रीफिंग के दौरान गबार्ड ने उत्तर कोरिया के रूस और चीन के साथ मजबूत होते संबंधों का भी उल्लेख किया। यह इस बात का संकेत है कि अमेरिका जिन देशों को अपना प्रतिद्वंद्वी मानता है, उनके बीच रणनीतिक सहयोग और गहरा हो रहा है।
ईरान के संदर्भ में गबार्ड ने अमेरिकी रुख दोहराते हुए कहा कि उसकी परमाणु क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जून में अमेरिका ने ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को निष्क्रिय कर दिया था और तब से उसे फिर से विकसित करने के प्रयासों के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं।
इससे पहले, नवंबर में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि पाकिस्तान उन देशों में शामिल है, जो सक्रिय रूप से परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने इस संदर्भ में रूस, चीन और उत्तर कोरिया का भी उल्लेख किया था।
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