बलौदाबाजार, 19 मार्च (आरएनएस)। धान खरीदी केंद्र में बिना एक दाना धान लाए भुगतान उठाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले इस फर्जीवाड़े में शामिल फरार आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिससे पूरे घोटाले की परतें खुलने लगी हैं।
मामला खरतोरा धान खरीदी केंद्र का है, जहां जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि प्रभारी समिति प्रबंधक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सुनियोजित तरीके से फर्जी लेन-देन किया। अपने ही बड़े भाई संतोष कुमार गेण्डरे के नाम पर टोकन जारी कर 53 कट्टा, यानी 21.20 क्विंटल धान की फर्जी एंट्री दर्ज की गई, जबकि मौके पर धान लाया ही नहीं गया था। इसके बावजूद तौल पत्रक तैयार कर ऑनलाइन प्रविष्टि और भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जिससे करीब 50,200 रुपये की राशि निकाल ली गई।
इस गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद शाखा प्रबंधक संजय कुमार वर्मा की शिकायत पर थाना पलारी में मामला दर्ज किया गया और विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी संतोष कुमार गेण्डरे फरार हो गया था।
पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी और आखिरकार उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपने भाई के साथ मिलकर पूरी साजिश को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आरोपी संतोष कुमार गेण्डरे (56 वर्ष) मूल रूप से ग्राम खैरा, थाना पलारी का निवासी है और वर्तमान में रायपुर के तेलीबांधा स्थित सुनीता पार्क में रह रहा था।
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि सरकारी व्यवस्था में विश्वास का फायदा उठाकर योजनाबद्ध तरीके से यह धोखाधड़ी की गई। पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर अन्य संभावित गड़बडिय़ों और संलिप्त लोगों की भूमिका खंगाल रही है।
यह घटना सिर्फ एक धोखाधड़ी नहीं, बल्कि सिस्टम में सेंध लगाने की कोशिश है।
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