रायपुर, 19 मार्च (आरएनएस) । राजधानी में हुए रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल हादसे को लेकर राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने रेडक्रॉस सभाकक्ष में आयोजित बैठक में साफ कहा कि इस घटना के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पीडि़त परिवारों को न्याय दिलाया जाएगा।
बैठक में जिला प्रशासन, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। हादसे में जान गंवाने वाले सफाईकर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया।
गिल ने स्पष्ट किया कि सफाईकर्मियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मैनुअल स्कैवेंजिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी संस्था में सीवरेज सफाई कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए और नगर निगम को पूर्व सूचना दी जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सफाईकर्मियों को न्यूनतम वेतन से कम भुगतान न किया जाए, नियमित स्वास्थ्य जांच कराई जाए और हर 6 महीने में मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट दिया जाए। साथ ही, सभी कर्मचारियों के लिए पीपीई किट, पहचान पत्र और ब्लड ग्रुप की जानकारी अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए।
पीडि़त परिवारों को मिलेगा सहारा
गिल ने कहा कि जिन परिवारों के पास आवास नहीं है, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, पुलिस को एफआईआर में एट्रोसिटी एक्ट जोडऩे के निर्देश भी दिए गए हैं।
नगर निगम को सख्त निर्देश
नगर निगम आयुक्त ने बताया कि शहर की सभी संस्थाओं में सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और सफाईकर्मियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे
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