यरूशलम/वाशिंगटन,20 मार्च। ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले को लेकर अमेरिका और इजरायल में मतभेद सामने आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले से खुद को अलग कर लिया है और इजरायल को आगे से ऐसा न करने की चेतावनी दी है। उन्होंने ये भी दावा किया कि अमेरिका को हमलों के बारे में पहले से पता नहीं था। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका को पहले से जानकारी दी गई थी।
ट्रंप का कहना है कि अमेरिका को इजरायल के इस हमले के बारे में कुछ नहीं पता था। उन्होंने कहा, साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमला इजरायल ने किया था। इसमें न तो अमेरिका और न ही कतर शामिल थे। ट्रंप ने कहा कि इजरायल ने मध्य-पूर्व में हो रहे घटनाक्रमों पर ‘गुस्से में’ आकर गैस संयंत्र को निशाना बनाया और वाशिंगटन को हमले की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी और कतर भी ‘किसी भी तरह से’ शामिल नहीं था।
बीते दिन जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि वह ईरान की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा संपत्ति मानी जाने वाली जगह पर इजरायल के हमले का समर्थन नहीं करते हैं। उन्होंने कहा, मैंने उनसे (नेतन्याहू) कहा, ‘ऐसा मत करो।’ हमारा तालमेल बहुत अच्छा है। सब कुछ समन्वित है, लेकिन कभी-कभी वह कुछ ऐसा कर देते हैं जो मुझे पसंद नहीं आता। अगर मुझे वह पसंद नहीं आता, तो हम ऐसा नहीं करते।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप के बयान को दोहराते हुए कहा कि गैस फील्ड पर इजरायल ने अकेले ही कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा, क्या सच में किसी को लगता है कि कोई राष्ट्रपति ट्रंप को बता सकता है कि उन्हें क्या करना है? मुझे नहीं लगता कि कोई भी 2 नेता राष्ट्रपति ट्रंप और मेरे जितने तालमेल में रहे है। वह नेता हैं और आप जानते ही हैं कि मैं उनका सहयोगी हूं।
रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के बारे में अमेरिका के साथ पहले से बातचीत की गई थी और प्रधानमंत्री नेतन्याहू और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच इस पर सहमति बनी थी।
राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले हफ्ते के अंत में फारस की खाड़ी के 3 देशों के नेताओं के साथ ईरान के तटीय शहर असलुयेह में होने वाले हमले पर चर्चा की थी।
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