0 सफल उम्मीदवारों को बुनियादी साक्षरता के प्रमाण पत्र मिलेंगे
जगदलपुर, 23 मार्च (आरएनएस)। बस्तर जिले में शिक्षा और ज्ञान की नई अलख जगाने के उद्देश्य से आयोजित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत रविवार को महापरीक्षा का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। जिला प्रशासन की इस अनूठी पहल ने पूरे जिले को साक्षरता के महापर्व में सराबोर कर दिया, जहाँ सुदूर वनांचलों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक शिक्षा का उत्साह देखने को मिला। कलेक्टर आकाश छिकारा और जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस परीक्षा में जिले भर के कुल 25,706 परीक्षार्थियों ने सम्मिलित होकर अपने हुनर का प्रदर्शन किया। यह आयोजन महज एक परीक्षा नहीं, बल्कि उन बुजुर्गों और युवाओं के लिए स्वावलंबन की एक नई शुरुआत बनकर उभरा है, जो किन्हीं कारणों से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी नहीं कर पाए थे।
इस महापरीक्षा की सबसे प्रेरक और हृदयस्पर्शी तस्वीर जगदलपुर के केंद्रीय कारागार और पुनर्वास केंद्रों से निकलकर सामने आई। जहाँ एक ओर जेल की सलाखों के पीछे रहने वाले 94 पुरुष और 47 महिला बंदियों ने साक्षरता की मुख्यधारा से जुड़कर अपनी नई पहचान बनाने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर आड़ावाल स्थित पुनर्वास केंद्र में 28 पुर्नवासितों ने भी हाथों में कलम थामकर विकास और शांति की दिशा में अपना पहला कदम बढ़ाया। इन नव-साक्षरों का उत्साह यह बताने के लिए काफी था कि बस्तर अब पूर्ण साक्षर होने की दिशा में तेजी से अग्रसर है और ज्ञान का उल्लास हर वर्ग के जीवन में रोशनी फैला रहा है। उल्लास परीक्षा के लिए जिले भर में 812 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे, ताकि घने जंगलों और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभागियों को भी परीक्षा देने में कोई असुविधा न हो। मूल्यांकन की प्रक्रिया के दौरान प्रतिभागियों की पढऩे, लिखने और बुनियादी अंक गणित की क्षमता को बारीकी से परखा गया। इस दौरान संयुक्त संचालक एचआर सोम ने केंद्रीय जेल का सघन निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। उनके साथ जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल, नोडल अधिकारी राकेश खापर्डे और सहायक खंड शिक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता भी उपस्थित रहे, जिन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
शिक्षा के इस उत्सव में सामुदायिक भागीदारी भी देखते ही बनी। विकासखंड बस्तर के ग्राम बालेंगा को मॉडल उल्लास केंद्र के रूप में सजाया गया था, जहाँ उल्लास सेल्फी जोन विशेष रूप से ग्रामीणों के आकर्षण का केंद्र रहा। यहाँ खंड शिक्षा अधिकारी भारती देवांगन और संकुल समन्वयकों की उपस्थिति में ग्रामीणों ने बड़े ही उत्साह के साथ परीक्षा दी। इसी तरह लोहंडीगुड़ा के चित्रकोट केंद्र में भी बड़ी संख्या में परीक्षार्थी उमड़े। कलेक्टर आकाश छिकारा ने इस सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जब जिले का हर नागरिक बुनियादी साक्षरता प्राप्त कर लेगा, तभी बस्तर सही मायने में सशक्त बनेगा। सफल उम्मीदवारों को जल्द ही बुनियादी साक्षरता का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जो उनके भीतर एक नया आत्मविश्वास पैदा करेगा।
0
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

