रुद्रपुर,27 मार्च (आरएनएस)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सितारगंज में आईपीआर कार्यशाला हुई। इसमें शिक्षकों, शोधकर्ताओं और नवाचारकर्ताओं को बौद्धिक संपदा अधिकार तथा प्रोविजनल पेटेंट फाइलिंग की व्यावहारिक जानकारी दी गई। शुक्रवार को कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि एमबीबीजी कॉलेज हल्द्वानी के प्राध्यापक डॉ. नरेंद्र सिजवाली और प्राध्यापक डॉ. दर्शन सिंह, प्राचार्य डॉ. रेनू रानी बंसल ने संयुक्त रूप से किया। उन्होंने कहा कि नवाचारों की सुरक्षा के लिए आईपीआर का ज्ञान होना आवश्यक है ताकि शिक्षक अपने शैक्षणिक नवाचारों को पेटेंट के माध्यम से संरक्षित रख सके। कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, देहरादून के पेटेंट इन्फॉर्मेशन सेंटर से हिमांशु गोयल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने शोधकर्ताओं को प्रोविजनल पेटेंट फाइलिंग की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया तथा नवाचार संरक्षण से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। साथ ही, आईपीआर जागरूकता एवं पेटेंट ड्राफ्टिंग की मूलभूत जानकारियों को अनुभव-आधारित उदाहरणों के माध्यम से समझाया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजविंदर कौर ने किया। डॉ. सुधा पाल, डॉ. एमसी आर्य, डॉ. जगदीश प्रसाद, डॉ. शोभा बजैठा, डॉ. गरिमा जोशी, डॉ. संजय टम्टा, डॉ. गीतांजलि मिश्रा, डॉ. कमला उपाध्याय मौजूद रहे।
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