रुद्रपुर,27 मार्च (आरएनएस)। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी ने ज्ञापन भेजकर आंदोलनकारी घोषित करने की मांग की। दयाकिशन ततराड़ी ने कहा कि साक्ष्य होने के बाद भी राज्य आंदोलनकारी चिह्नित नहीं किया गया। राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल को ज्ञापन प्रेषित कर राज्य आंदोलनकारी घोषित करने की मांग की। गुरुवार को भेजे ज्ञापन में कहा कि वह राज्य आंदोलन के दौरान खटीमा गोलीकांड के सरकारी गवाह होने के बाद भी वर्ष 2009 से राज्य आंदोलनकारी चिह्नित होने के लिए शासन-प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने धरना-प्रदर्शन व जुलूसों में भी सक्रिय भूमिका निभाई। राज्य आंदोलन के दौरान वर्ष 1994 में गोलीकांड के दूसरे दिन स्थानीय अभिसूचना इकाई के सक्षम अधिकारी ने पूरे घटनाक्रम की मौखिक जानकारी ली।उसी आधार पर सीबीआई ने उन्हें खटीमा गोलीकांड का सरकारी गवाह बनाया। दयाकिशन ने कहा कि सभी साक्ष्य मौजूद होने के बाद भी उन्हें राज्य आंदोलनकारी चिह्नित नहीं किया गया।
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