अंबिकापुर,28 मार्च (आरएनएस)। सेंट्रल जेल अंबिकापुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक रसूखदार कैदी को नियमों के विपरीत विशेष सुविधाएं दिए जाने का खुलासा हुआ है। इस मामले में जेल प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो जेल प्रहरियों को निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, मनेंद्रगढ़ जेल से शिफ्ट किए गए 61 वर्षीय कैदी गुरुबख्श सिंह को गंभीर बीमारी का हवाला देकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर जेल सुपरीटेंडेंट अक्षय सिंह राजपूत ने कैदी के परिजनों को अटेंडर के रूप में वार्ड में आने-जाने और साथ रहने की विशेष अनुमति दी थी।
इस छूट का दुरुपयोग करते हुए परिजन कैदी के लिए मोबाइल फोन, घर का खाना, मिनरल वाटर सहित अन्य सुविधाएं वार्ड तक पहुंचा रहे थे, जो जेल नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब जेल सुपरीटेंडेंट ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान जेल वार्ड का ताला खुला मिला और परिजन नियमों की अनदेखी करते पाए गए। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात प्रहरी जयप्रकाश कुजूर और लोकनाथ निषाद को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।
साथ ही कैदी के परिजनों को दी गई अटेंडर अनुमति भी रद्द कर दी गई है।
जेल प्रशासन का कहना है कि गंभीर बीमार बंदियों का इलाज नियमानुसार किया जाता है, लेकिन किसी भी कैदी को नियमों के विरुद्ध विशेष सुविधा देना स्वीकार्य नहीं है। इस घटना ने जेल व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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