जेवर, लखनऊ, 28 मार्च (आरएनएस)। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपनी ब्रांड पहचान को वैश्विक स्तर पर प्रभावी और विशिष्ट बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस को अपने प्रतीक (लोगो) के रूप में अपनाया है। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन को दर्शाती है, जिसमें विकास के साथ सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरणीय संतुलन को भी समान महत्व दिया जा रहा है। सारस उत्तर प्रदेश का राजकीय पक्षी होने के साथ-साथ समृद्ध परंपरा और प्रकृति का प्रतीक है। एयरपोर्ट के लोगो में इसे शामिल करना राज्य की विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जो विकास के साथ विरासत की अवधारणा को और मजबूत करती है।नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोगो का डिजाइन तकनीक और पर्यावरण के संतुलन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। लोगो को पतली और एकीकृत रेखाओं से बनाया गया है, जो गति, कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का संकेत देती हैं। इसमें प्रयुक्त नीले-हरे रंग का ग्रेडिएंट तकनीकी प्रगति और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन को दर्शाता है, जो प्रदेश में ग्रीन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की नीति के अनुरूप है।लोगो में उड़ते हुए सारस को प्रगति, आत्मविश्वास और नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ते उत्तर प्रदेश के प्रतीक के रूप में दर्शाया गया है। यह राज्य को वैश्विक निवेश और कनेक्टिविटी हब के रूप में विकसित करने के विजन को भी प्रतिबिंबित करता है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का यह नया प्रतीक न केवल इसकी ब्रांडिंग को सशक्त बना रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी अलग और प्रभावी पहचान स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।यह एयरपोर्ट अब केवल एक परिवहन केंद्र तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि संस्कृति, आधुनिकता और सतत विकास के समन्वय का प्रतीक बनकर उभर रहा है, जो उत्तर प्रदेश की नई पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
0
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

