गृह मंत्री ने कहा- बंगाल का भविष्य घुसपैठिये तय नहीं करेंगे
नकुल कुमार मंडल
कोलकाता,28 मार्च (आरएनएस)। कोई किसी को को अधिक समय तक बेवकूफ नहीं बना सकता है। बंगाल की जनता ममता बनर्जी की ‘विक्टिम कार्ड’ वाली राजनीति समझ चुकी है। ऐसे में बदलाव होगा ही। उक्त बात आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता के होटल नोवोटेल में कही। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि क्या घुसपैठिये बंगाल का भविष्य तय करेंगे? भाजपा सरकार आने पर एक-एक अवैध घुसपैठिये की पहचान कर उन्हें देश से बाहर निकाला जायेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ ‘पीपुल्स चार्जशीटÓ (जनता का आरोप पत्र) जारी किया। 40 पन्नों के इस दस्तावेज में अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन को ‘भय, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरणÓ का काल बताया। केंद्रीय गृह मंत्री ने दोटूक कहा कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता बदलने के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और घुसपैठ मुक्त बंगाल बनाने के लिए है। शाह ने दावा करते हुए कहा कि 2014 से, बंगाल में भाजपा का जनसमर्थन लगातार बढ़ा है। 2016 में, हमने 3 सीटें जीती थीं, जबकि 2021 में, 77 सीटों के साथ, हम मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरे। कांग्रेस और वाम मोर्चा शून्य पर सिमट गए हैं। और 2026 के चुनावों में, हम बहुमत के साथ सत्ता में आएंगे। यह चुनाव डर, बेरोजगारी से मुक्ति का चुनाव है। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का चुनाव। यह शांति, विकास, मुफ्त स्वास्थ्य सेवा, पक्का मकान, बिजली और पीने के पानी की गारंटी देने वाला चुनाव है। यह घुसपैठ मुक्त समाज बनाने का चुनाव है। अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर ममता सरकार को घेरते हुए कहा कि असम में भाजपा सरकार आने के बाद घुसपैठ लगभग खत्म हो गयी है, लेकिन अब पश्चिम बंगाल घुसपैठ का मुख्य केंद्र बन गया है। सच तो यह है कि, पश्चिम बंगाल सरकार जमीन नहीं दे रही है, जिसकी वजह से बांग्लादेश से सटी 600 किलोमीटर की सीमा असुरक्षित है. शाह ने वादा किया कि 6 मई को भाजपा सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर इस पर काम शुरू हो जायेगा। शाह ने कहा कि, ‘सोनार बांग्लाÓ का वादा करने वाली टीएमसी ने बंगाल को भ्रष्टाचार का केंद्र बना दिया है। राशन, शिक्षक भर्ती, कोयला और अम्फान राहत में हजारों करोड़ रुपए के घोटाले हुए। बंगाल में संदेशखाली, आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, पार्क स्ट्रीट और कामदुनी जैसी घटनाएं महिला सुरक्षा की बदहाली का प्रमाण हैं।
पिछले वर्षों में भाजपा के 300 से अधिक कार्यकर्ताओं की हत्या की गयी। यहां तक कि भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर भी हमले हुए। आम आदमी का जीवन सिंडिकेट राज और कट-मनी संस्कृति ने दूभर कर दिया है। बंगाल से उद्योगों का पलायन हो रहा है. बेरोजगारी बढ़ रही है। 15 साल में विकास पूरी तरह ठप हो गया। तुष्टीकरण की राजनीति के तहत वोट बैंक के लिए घुसपैठियों को संरक्षण दिया जा रहा है।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

