तेहरान ,29 मार्च,। ईरान ने अमेरिका के खिलाफ बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने दुबई में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम के अनुसार, इन हमलों में अमेरिकी सेना को भारी नुकसान पहुंचा है और कई सैनिक घायल हुए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के हजरत खतम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने बताया कि जिन ठिकानों पर हमला किया गया, वहां 500 से ज्यादा अमेरिकी सैन्यकर्मी मौजूद थे। इनमें एक स्थान पर लगभग 400 और दूसरे पर करीब 100 सैनिक तैनात थे।
ड्रोन और मिसाइल से हमले का दावा
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (ढ्ढक्रत्रष्ट) ने इन ठिकानों की पहचान कर सटीक ड्रोन और मिसाइल हमले किए। तसनीम के अनुसार, हमलों के बाद दुबई में एंबुलेंस लंबे समय तक घायल और मृत सैनिकों को ले जाने में जुटी रहीं। ईरानी पक्ष ने यह भी कहा कि अमेरिका को अब समझ लेना चाहिए कि यह क्षेत्र उसके सैनिकों के लिए सुरक्षित नहीं है।
खाड़ी देशों को कड़ा संदेश
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने खाड़ी देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे अमेरिका और इजरायल को अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ न करने दें। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी तरह से ईरान के बुनियादी ढांचे या आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाया गया, तो उसका जवाब कड़े तरीके से दिया जाएगा।
पेजेशकियान ने दोहराया कि ईरान पहले हमला नहीं करता, लेकिन अगर उस पर हमला हुआ तो वह पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने पड़ोसी देशों से अपील की कि वे अपने विकास और सुरक्षा के लिए क्षेत्र को युद्ध का मैदान बनने से रोकें।
बढ़ता तनाव और सैन्य हलचल
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका भी मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी में है। 82वीं एयरबोर्न डिविजन की तैनाती पर विचार किया जा रहा है। वहीं, ईरान ने संभावित जवाबी कार्रवाई को देखते हुए रणनीतिक इलाकों में अतिरिक्त सैन्य तैयारियां शुरू कर दी हैं।
कुल मिलाकर, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव अब खाड़ी क्षेत्र में बड़े टकराव की आशंका को और गहरा कर रहा है, जिससे वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा बाजार दोनों पर असर पड़ सकता है।
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