बलौदाबाजार-भाटापारा 30 मार्च (आरएनएस) सड़क हादसों में मौत और जिंदगी के बीच की दूरी अब कुछ सेकंड में सिमटने वाली है, क्योंकि बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने एक ऐसा कदम उठाया है जो सीधे घटनास्थल पर ही जीवन बचाने की ताकत देता है, 30 मार्च 2026 को पुलिस कम्युनिटी हॉल बलौदाबाजार में आयोजित जिला स्तरीय सम्मेलन में 70 यातायात पुलिस मितानों को न सिर्फ सम्मानित किया गया बल्कि उन्हें CPR यानी त्वरित चिकित्सीय सहायता देने की विशेष ट्रेनिंग भी दी गई, यह वही लोग हैं जो किसी भी सड़क दुर्घटना के बाद सबसे पहले मौके पर पहुंचते हैं और अब ये सिर्फ मददगार नहीं बल्कि ‘लाइफ सेवर’ की भूमिका में नजर आएंगे, कार्यक्रम में डॉक्टर बलराम श्रीवास और उनकी प्रशिक्षित टीम ने मितानों को मौके पर ही घायल व्यक्ति को CPR देने की तकनीक सिखाई, समझाया गया कि दुर्घटना के बाद हर एक पल कितना कीमती होता है और सही समय पर दी गई प्राथमिक चिकित्सा कैसे किसी की सांसों को वापस लौटा सकती है, पुलिस ने साफ किया कि इस पहल का मकसद उन लोगों को तैयार करना है जो गांव या आसपास के इलाके में सबसे पहले घटना तक पहुंचते हैं ताकि एम्बुलेंस या पुलिस के आने से पहले ही जीवन बचाने की प्रक्रिया शुरू हो सके, इस दौरान पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने कहा कि सड़क दुर्घटना का समय बेहद भयावह होता है और ऐसे में मितान ही वह पहला सहारा होते हैं जो घायल तक सबसे पहले पहुंचते हैं, उन्होंने मितानों से अपील की कि वे इस प्रशिक्षण को गंभीरता से लें क्योंकि उनकी एक कोशिश किसी की जिंदगी बचा सकती है, कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भाटापारा रहेमसागर सिदार, उप पुलिस अधीक्षक यातायात संजय साहू और यातायात पुलिस स्टाफ की मौजूदगी ने इसे और प्रभावी बनाया, यह पहल सिर्फ एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा की नई सोच है जहां आम नागरिक ही सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आ रहे हैं—क्योंकि अब हादसे के बाद मदद का इंतजार नहीं, मदद खुद मौके पर मौजूद होगी।


