:-मामले से संबंधित सवाल पूछते ही अधिकारियों का रटा रटाया जवाब,नहीं आ रही आवाज
गोण्डा 30 मार्च। जनपद के विकासखंड मनकापुर में जिम्मेदार विभागों की लापरवाही और लोक निर्माण विभाग की मनमानी एक बार फिर सामने आई है। मनकापुर-उतरौला रोड पर जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत डाली गई कई किलोमीटर पाइपलाइन से पानी सप्लाई शुरू भी नहीं हो पाया था कि पटरी निर्माण के नाम पर पाइपलाइन को तोड़ दिया गया। इस घटना से जहां एक ओर योजना पर प्रश्नचिह्न लग गया है, वहीं दूसरी ओर सरकारी धन का जमकर दुरुपयोग हुआ और सरकार के करोड़ों रुपए मिट्टी में मिल गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 4 माह पूर्व लाखों रुपये की लागत से मनकापुर उतरौला रोड के बगल जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन डाली गई थी, और आसपास क्षेत्र गांव में स्वच्छ जल की सप्लाई शुरू होनी थी,लेकिन योजना का कार्य अभी प्रारंभिक अवस्था में ही था। इसी बीच लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क पटरी निर्माण कार्य शुरू कराया गया, जिसमें पहले से बिछाई गई पाइपलाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। परिणामस्वरूप पूरी पाइपलाइन बेकार हो गई, जिससे सरकार की महत्वपूर्ण योजना अंतर्गत करोड़ों रुपए के बर्बाद होने की बू रही है। और जिम्मेदार अंजान बने हैं।
वहीं मामले में जब उपजिलाधिकारी मनकापुर से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत डाली गई पाइपलाइन की देखरेख जिला स्तर से होती है। वहीं लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन नहीं रिसीव हुआ। इसके बाद मामले में जल जीवन मिशन के अधिशासी अभियंता महेंद्र सिंह से संपर्क करने पर उन्होंने पहले नेटवर्क समस्या का हवाला देकर बताया की आवाज नहीं आ रही है, और बाद में मीटिंग में होने की बात कहकर बातचीत टाल दी। अधिकारियों के इस तरह के टालमटोल भरे रवैये से आमजन में आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ सरकार जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से हर घर तक पानी पहुंचाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर विभागीय लापरवाही के चलते करोड़ों रुपये की योजनाएं धरातल पर आने से पहले ही दम तोड़ रही हैं।
अब बड़ा सवाल यह उठता है कि इस पूरे मामले का जिम्मेदार कौन है? क्या संबंधित विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण यह नुकसान हुआ, या फिर यह सीधे तौर पर लापरवाही का मामला है? यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो सरकारी धन की बर्बादी यूं ही जारी रहेगी।
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