भोपाल 30 मार्च (आरएनएस)। ऐतिहासिक इकबाल मैदान का नाम बदलने को लेकर विवाद तेज हो गया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो के बयान के विरोध में सोमवार को ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी ने मैदान में प्रदर्शन किया और बयान को भड़काऊ बताया।
समिति के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि इस तरह के बयान देश में तनाव का माहौल पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि अल्लामा मुहम्मद इकबाल विश्व प्रसिद्ध शायर रहे हैं, जिन्होंने सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा जैसा तराना लिखा, जिसे आज भी देशभर में गर्व के साथ गाया जाता है। ऐसे में उनके नाम पर बने मैदान को लेकर इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं है।
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो. दानिश खान ने इसे सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश बताते हुए कहा कि इस तरह के मुद्दे समाज के लिए खतरा बन सकते हैं। प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष तनवीर कुरैशी, मीडिया प्रभारी आरिफ खान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े नामों को बदलने के बजाय सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
वहीं, शमशुल हसन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि मानवाधिकार आयोग जैसे संवैधानिक पद पर रहते हुए राजनीतिक बयान देना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि आयोग के सदस्य को मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों पर बोलना चाहिए, न कि धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान से जुड़े विवादों को हवा देनी चाहिए।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने एक्स पर एक वीडियो अपलोड किया था। इसमें वे इकबाल की फोटो पोस्ट करते हुए कह रहे हैं कि क्या पाकिस्तान के नाम का प्रस्ताव रखने वाले इकबाल के नाम पर भोपाल में कोई मैदान होना चाहिए। यह हमारे माथे पर कलंक है।
एक्स पर वीडियो पोस्ट करने के साथ कानूनगो ने यह भी ट्वीट किया है कि पाकिस्तान बनाये जाने का प्रस्ताव लिखने वाले इकबाल के नाम पर हमारे भोपाल में इकबाल मैदान होना हमारे माथे पर कलंक है। भोपाल का नवाब भोपाल की गरीब जनता का हमारे पूर्वजों का खून चूस-चूस कर इस इकबाल को उसके ऐशो आराम के लिए हजारों रुपया वजीफा में देता था। हम इस कलंक को मिटाकर अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देंगे।

