नई दिल्ली/रांची 1 अप्रैल (आरएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देशभर में चलाए जा रहे ‘नशा मुक्त भारतÓ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में राज्यसभा में अहम चर्चा हुई। सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से जुड़े एक पूरक प्रश्न के माध्यम से झारखंड में नशे की बढ़ती समस्या और उससे निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों का मुद्दा उठाया। डॉ. वर्मा ने विशेष रूप से ‘नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग डिमांड रिडक्शन (एनएपीडीडीआर)Ó और ‘नशा मुक्त भारतÓ अभियान के तहत झारखंड में चल रही गतिविधियों की वर्तमान स्थिति पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि राज्य में नशे की चुनौती लगातार बढ़ रही है, ऐसे में जागरूकता, पुनर्वास और रोकथाम के प्रयासों को और मजबूत करने की जरूरत है। इस पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने विस्तृत जवाब देते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से झारखंड समेत देशभर में नशा उन्मूलन के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने जागरूकता अभियान, उपचार केंद्रों की स्थापना और सामुदायिक भागीदारी को इस दिशा में महत्वपूर्ण बताया। राज्यसभा में उठाया गया यह मुद्दा न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की चर्चाओं से ‘नशा मुक्त भारतÓ के संकल्प को नई दिशा और मजबूती मिलेगी।
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