० नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक उपलब्धि पर भव्य हनुमंत भंडारा
सुकमा, 02 अप्रैल (आरएनएस)। जिले के केरलापेंदा स्थित ऐतिहासिक राम मंदिर प्रांगण में शांति और सुरक्षा की ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में हनुमंत भंडारा का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन बस्तर सहित छत्तीसगढ़ से सशस्त्र नक्सलवाद के समापन के संकल्प की पूर्ति पर आयोजित हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र में नई उम्मीद, विश्वास और उत्साह का संचार किया। वर्षों तक भय और हिंसा के साये में जीने वाले ग्रामीणों के लिए यह क्षण गौरव और भावुकता से भरा रहा।
2 अप्रैल को हनुमान जयंती के पावन अवसर पर आयोजित इस भंडारे में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। विशेष बात यह रही कि लगभग 70 वर्ष पुराना यह राम मंदिर लंबे समय तक नक्सल दबाव के कारण बंद पड़ा रहा था, जो बस्तर में सुरक्षा स्थिति बेहतर होने के बाद दो वर्ष पूर्व पुन: प्रारंभ हुआ। आज उसी मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़, भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन यह दर्शाता है कि अब बस्तर भय नहीं, आस्था और शांति के मार्ग पर आगे बढ़ चुका है।
चार दशकों से अधिक समय तक नक्सलवाद ने छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर अंचल को गहरे घाव दिए। हजारों जानें गईं, विकास कार्य बाधित रहे और आमजन का जीवन असुरक्षा के वातावरण में गुजरता रहा। लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप निर्धारित समय-सीमा में नक्सलवाद के अंत की दिशा में निर्णायक सफलता ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और प्रभावी रणनीति से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।
प्रदेश में इस उपलब्धि को हासिल करने में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की सक्रिय भूमिका रही। विशेष रूप से उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा द्वारा लगातार सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, जन-विश्वास बढ़ाने और प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से जिस प्रकार निर्णायक पहल की गई, उससे जनता में विश्वास और सुरक्षा का भाव और अधिक मजबूत हुआ है। आज गांव-गांव में शांति का वातावरण बन रहा है और विकास के नए द्वार खुल रहे हैं।
इस ऐतिहासिक परिवर्तन का सबसे बड़ा श्रेय पुलिस और सुरक्षा बलों के उन वीर जवानों को जाता है जिनके साहस, वीरता और बलिदान ने बस्तर को नया भविष्य दिया। उन्हीं अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने और रामभक्त हनुमान जी महाराज के चरणों में प्रदेश की शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना के साथ यह पावन आयोजन किया गया। गृह मंत्री विजय शर्मा ने श्रद्धालुओं को आमंत्रित करते हुए कहा कि हनुमान जी की कृपा से वह लक्ष्य प्राप्त हुआ जिसे वर्षों तक असाध्य माना जाता था अब छत्तीसगढ़ शांति के मार्ग पर आगे बढ़ चुका है।
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