भोपाल 2 अप्रैल (आरएनएस)। दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने एफडी हेराफेरी मामले में दोषी करार दिया है। गुरुवार को कोर्ट ने उन्हें 3 साल की सजा सुनाई और जमानत दे दी।
उन्हें आपराधिक साजिश (धारा 120क्च) और धोखाधड़ी व जालसाजी (धारा 420, 467, 468, 471) में दोषी माना गया है। सह-आरोपी बैंक लिपिक रघुवीर प्रजापति को भी दोषी ठहराया गया है।
कोर्ट ने दो धाराओं में 3-3 साल और एक धारा में 2 साल की सजा सुनाई है। इससे उनकी विधायकी पर खतरा बना हुआ है। वरिष्ठ वकीलों के अनुसार अपील के लिए उन्हें 60 दिन मिलेंगे।
अगर हाईकोर्ट से सजा पर स्थगन (स्टे) मिल जाता है, तो उनकी विधायकी बरकरार रह सकती है। फिलहाल उनकी सदस्यता पर संकट बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, 24 अगस्त 1998 को राजेंद्र भारती की मां सावित्री श्याम ने जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंक दतिया में 10 लाख रुप, की एफडी 3 साल के लिए 13.50त्न ब्याज पर जमा की थी। भारती तब बैंक के अध्यक्ष व श्याम सुंदर जनसहयोग संस्था से जुड़े थे। उन्होंने बैंक लिपिक रघुवीर शरण प्रजापति के साथ लेजर बुक, एफडी स्लिप व रसीदों में काट-छांट कर अवधि 3 से बढ़ाकर 10 फिर 15 वर्ष कर दी। इस हेराफेरी से प्रतिवर्ष 1.35 लाख रुपए अतिरिक्त ब्याज मिला। कुल 12 वर्षों में बैंक को लाखों-करोड़ों का नुकसान हुआ। 2003 में ऑडिट में गड़बड़ी पकड़ी गई। आंतरिक जांच में भारती व उनकी मां दोषी साबित हुए।
इस मामले में बैंक कर्मचारी नरेंद्र सिंह की शिकायत पर उपभोक्ता फोरम, दतिया ष्टछ्वरू कोर्ट होते हुए मामला दिल्ली एमपी-एमएलए कोर्ट पहुंचा। 29 जुलाई 2015 को संयुक्त पंजीयक के निर्देश पर ढ्ढक्कष्ट धारा 120क्च (षड्यंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 467/468/471 (जालसाजी) व प्रजापति पर 409 लगी थी, जबकि सह-आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति पर धारा 420, 467, 468, 471, 409 और 120(बी) के तहत मुकदमा चलाया गया।1 अप्रैल 2026 को दिल्ली राउस एवेन्यू कोर्ट ने अभियोजन के साक्ष्यों को संदेह से परे मानते हुए दोनों को दोषी ठहराया।

