बलरामपुर, 04 अप्रैल (आरएनएस)। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त टीम ने तेंदुए की खाल के साथ 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह कार्रवाई वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (मध्य क्षेत्र भोपाल), राज्य उडऩदस्ता दल रायपुर एवं वनमंडल बलरामपुर की संयुक्त टीम द्वारा की गई। यह अभियान छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशन एवं वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है।
दिनांक 2 अप्रैल 2026 को मुखबिर की सूचना पर टीम ग्राम जमई (थाना बसंतपुर) के जमई मोड़ के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर तलाशी ली गई। उनके पास से एक तेंदुए की खाल बरामद हुई। पूछताछ में अन्य साथियों की जानकारी मिलने पर टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से कुल 2 नग तेंदुए की खाल जब्त की गई।
गिरफ्तार आरोपियों में झारखंड, उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ के निवासी शामिल हैं। सभी आरोपियों ने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया है।
मामले में परिसर रक्षक जमई द्वारा वन अपराध प्रकरण क्रमांक 22289/09, दिनांक 02.04.2026 को दर्ज किया गया। आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं—धारा 9, 39, 48(क), 50, 51 एवं 52 के तहत कार्रवाई की गई है। उल्लेखनीय है कि भारतीय तेंदुआ अनुसूची-1 के तहत संरक्षित वन्यप्राणी है, जिसकी तस्करी गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है।
सभी आरोपियों को 3 अप्रैल 2026 को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी वाड्रफनगर के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
वन विभाग ने बताया कि प्रकरण की विवेचना जारी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। साथ ही, वन्यजीव अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।
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