रायपुर,04 अप्रैल (आरएनएस)।छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में नया मोड़ सामने आया है। हाईकोर्ट द्वारा पूर्व विधायक अमित जोगी को दोषी ठहराए जाने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल कर दी है। इस मामले में सोमवार को सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।गौरतलब है कि हाल ही में हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए अमित जोगी को दोषी करार दिया और उन्हें तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में उन्हें बरी कर दिया था। हाईकोर्ट ने यह फैसला सीबीआई द्वारा पेश की गई लगभग 11,000 पन्नों की विस्तृत जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सुनाया।यह मामला 4 जून 2003 का है, जब राम अवतार जग्गी की रायपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में यह सामने आया था कि हत्या एक सुनियोजित राजनीतिक और आपराधिक साजिश के तहत सुपारी देकर कराई गई थी। जांच के दौरान कुछ पुलिस अधिकारियों पर साक्ष्य छिपाने और फर्जी गवाह तैयार करने के आरोप भी लगे थे।वर्ष 2007 में विशेष अदालत ने इस मामले में 28 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी, जबकि अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। इसके बाद जग्गी परिवार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने मामले की पुन: सुनवाई के लिए हाईकोर्ट को निर्देश दिए थे, जिसके बाद यह ताजा फैसला आया।हाईकोर्ट के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित जोगी ने कहा कि उनके साथ न्याय नहीं हुआ है। उन्होंने फैसले पर खेद जताते हुए सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद जताई और कहा कि उन्हें विश्वास है कि अंतत: सत्य की जीत होगी।अब इस संवेदनशील और चर्चित मामले में अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद ही सामने आएगा, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
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