मुंबई ,05 अपै्रल (आरएनएस)। महाराष्ट्र पुलिस ने भारतीय नौसेना और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के सहयोग से तटीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मरीन डोमेन अवेयरनेस (एमडीए) नामक एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। इसकी मदद से पालघर से सिंधुदुर्ग तक राज्य के तटवर्ती क्षेत्र में संदिग्ध नावों पर नजर रखी जा सकेगी। इस पहल का उद्देश्य मौजूदा निगरानी प्रणाली की गंभीर कमियों को दूर करना है, जो ऑटोमेटिक पहचान प्रणाली (एआईएस) पर काफी हद तक निर्भर करती है।
एआईएस बड़े वाणिज्यिक जहाजों पर प्रभावी ढंग से नजर रखती है, लेकिन मछली पकडऩे वाली और यात्री नावों जैसे छोटे जहाजों की निगरानी करने में असमर्थ है, जो अक्सर पहचान सिस्टम के बिना ही संचालित होते हैं। आईआईटी मद्रास के एक प्रोफेसर द्वारा विकसित एमडीए ऐप इसी कमी को दूर करने का प्रयास करता है। महाराष्ट्र की 877 किलोमीटर लंबी तटरेखा पर लगभग 32,000 नावें चलती हैं, जिनमें लगभग 28,000 मछली पकडऩे वाली और 4,000 यात्री नाव शामिल हैं।
नावों की ज्यादा संख्या के कारण अधिकारियों को लंबे समय से भारतीय नावों और संदिग्ध नौकाओं के बीच अंतर करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एमडीए ऐप से लैस मोबाइल फोन मछुआरों और यात्री नाव संचालकों को उपयोग के लिए वितरित किए जाएंगे। प्रायोगिक चरण के दौरान भारतीय जलक्षेत्र में एक महीने तक 100 मछली पकडऩे वाली नावों पर ऐप का परीक्षण किया गया और यह गतिविधि के पैटर्न को ट्रैक करने में अत्यधिक प्रभावी पाया गया।
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