कोरबा 06 अपै्रल (आरएनएस)। जिला अधिवक्ता संघ कोरबा से प्रारंभ हुआ नामांकन शुल्क वृद्धि का विरोध अब रायपुर तक पहुंचकर व्यापक रूप लेता जा रहा है। अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा विरोध दर्ज करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया है।
उन्होंने कहा कि कोरबा में अध्यक्ष पद हेतु 15,000, उपाध्यक्ष हेतु 10,000, सचिव एवं अन्य पदों हेतु 7,000 तथा कार्यकारिणी सदस्यों हेतु 3,000 तक नामांकन शुल्क निर्धारित किया गया है, जो पहले की तुलना में अत्यधिक है। वहीं दूसरी ओर रायपुर में स्थिति और भी गंभीर है, जहां अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के लिए 35,000 तक जमानतध्नामांकन शुल्क लिया जा रहा है। इस प्रकार की अत्यधिक शुल्क वृद्धि अधिवक्ताओं के लिए चुनाव प्रक्रिया को कठिन एवं सीमित बना रही है।
धनेश कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि यह शुल्क वृद्धि न तो आमसभा द्वारा पारित की गई है और न ही निर्वाचित कार्यकारिणी द्वारा अनुमोदित, जिससे इसकी वैधता पर प्रश्नचिह्न लगते हैं। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज, जिसे एक जागरूक एवं बुद्धिजीवी वर्ग माना जाता है, उसमें इस प्रकार की व्यवस्था लोकतांत्रिक मूल्यों के पतन को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि जब देश के प्रमुख चुनावों में भी नामांकन-जमानत राशि सीमित एवं न्यायसंगत रखी जाती है, तब अधिवक्ता संघ चुनाव में इस प्रकार की बेतहाशा वृद्धि पूर्णत: अनुचित है। उन्होंने राज्य अधिवक्ता परिषद, छत्तीसगढ़ से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि इस अनधिकृत एवं अत्यधिक नामांकन शुल्क वृद्धि पर रोक लगाई जाए तथा शुल्क को युक्तिसंगत बनाया जाए, ताकि अधिक से अधिक अधिवक्ता चुनाव प्रक्रिया में भाग ले सकें।
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