कोंडागांव, 09 जुलाई (आरएनएस)। कोंडागांव जिले की फरसगांव और केशकाल पुलिस ने मल्टीपल बैंक लोन दिलाने के नाम पर शिक्षकों और अन्य लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह ने अलग-अलग मामलों में करीब 14 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है।
पुलिस के मुताबिक फरसगांव और केशकाल थानों में दर्ज चार अलग-अलग प्रकरणों में पीडि़तों ने शिकायत की थी कि आरोपियों ने उन्हें विभिन्न बैंकों से एक साथ कई पर्सनल लोन दिलाने का झांसा दिया। आरोपियों ने लोन राशि का 40 प्रतिशत हिस्सा पीडि़तों को देकर शेष 60 प्रतिशत राशि अपने और साथियों के खातों में ट्रांसफर करा ली। साथ ही यह भरोसा दिलाया गया कि दो से तीन वर्षों में वे पूरी ईएमआई का भुगतान कर देंगे, लेकिन बाद में सभी आरोपी फरार हो गए।
जांच में सामने आया कि गिरोह कई वर्षों से योजनाबद्ध तरीके से प्रदेश के विभिन्न जिलों, विशेषकर फरसगांव, केशकाल, बड़ेडोंगर, धनोरा और विश्रामपुरी क्षेत्र के शिक्षकों को निशाना बना रहा था। आरोपियों ने एसबीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई, यस बैंक, आईडीएफसी, आईडीबीआई, चोलामंडलम और ग्रामीण बैंकों सहित कई वित्तीय संस्थानों से एक ही समय में कई लोन स्वीकृत कराए। जांच में यह भी सामने आया कि कई मामलों में फर्जी आधार कार्ड और अन्य कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लोन स्वीकृत कराया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा (आईपीएस) के निर्देशन में विशेष जांच टीम गठित की गई। करीब तीन महीने तक बैंक खातों, लेन-देन, दस्तावेजों और मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। इसके बाद आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देकर उन्हें अलग-अलग जिलों से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में शिवशंकर दास (अंबिकापुर), दिलीप कुमार सोनी (अंबिकापुर), विरेन्द्र तिर्की (कोंडागांव/जशपुर), श्यामसुंदर जांगड़े (सारंगढ़) और अंशुमान सिंह (बिलासपुर/अंबिकापुर) शामिल हैं। शिवशंकर दास को प्रोडक्शन वारंट पर जेल से गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य आरोपियों को अंबिकापुर, जशपुर और सारंगढ़ से पकड़ा गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, डायरी, रजिस्टर, लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।
फरसगांव और केशकाल थानों में दर्ज चार मामलों में आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना, आपराधिक षड्यंत्र तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों, बैंक एजेंटों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच जारी है।
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