राजनांदगांव 8 अप्रैल (आरएनएस) कानून व्यवस्था को धार देने और अपराधियों पर निर्णायक प्रहार की तैयारी अब तेज हो गई है, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने जिले के सभी 18 थाना और चौकी प्रभारियों सहित राजपत्रित अधिकारियों की हाई-वोल्टेज समीक्षा बैठक लेकर साफ संदेश दे दिया कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और हर लंबित केस का त्वरित निराकरण ही प्राथमिकता होगा, बैठक में लंबित और वर्तमान प्रकरणों की गहन समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण विवेचना, समयबद्ध चालान और दोषियों को सजा दिलाने पर विशेष जोर दिया गया, NATGRID के माध्यम से तकनीकी जांच को मजबूत करने और जरूरत पड़ने पर बाहरी टीम भेजने की रणनीति तय की गई, वर्ष 2026 के पहले तीन महीनों में दर्ज शिकायतों और उनके निराकरण की थाना-वार समीक्षा कर यह देखा गया कि कहां काम बेहतर हुआ और कहां ढिलाई बरती गई, जिन थानों में लंबित मामलों का बोझ ज्यादा मिला वहां स्पष्टीकरण और जांच के आदेश दिए गए, धारा 173(8) CrPC के तहत लंबित चालानों और मर्ग प्रकरणों के जल्द निपटान के निर्देश दिए गए ताकि न्यायिक प्रक्रिया में देरी न हो, बीट सिस्टम को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया और यह स्पष्ट किया गया कि किसी भी घटना की जिम्मेदारी संबंधित बीट प्रभारी और आरक्षक की होगी, “ऑपरेशन तलाश” के तहत गुमशुदा बच्चों, महिलाओं और पुरुषों की तलाश के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई, अपराध नियंत्रण के लिए सूखे नशे, जुआ, सट्टा, अवैध शराब और गुंडा-बदमाशों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए, रात्रि गश्त और औचक चेकिंग बढ़ाने के साथ पुलिस की छवि सुधारने के लिए शालीन व्यवहार और त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया गया, साइबर थाना और महिला थाना की भी बारीकी से समीक्षा की गई और प्रत्येक आरक्षक की भूमिका का आकलन किया गया, डोंगरगढ़ मेला ड्यूटी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस बैंड को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, सीएसपी वैशाली जैन (IPS), अलेक्जेंडर किरो, मंजुलता बाज, आदित्य कुमार (IPS प्र.), के.पी. मरकाम और डीएसपी सुमन जायसवाल सहित सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे, यह बैठक सिर्फ समीक्षा नहीं बल्कि पुलिस सिस्टम को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त करने का ब्लूप्रिंट साबित हुई है, साफ है कि अब राजनांदगांव में अपराध करने वालों के लिए जगह नहीं और हर लापरवाही पर सख्त कार्रवाई तय है।


