तेहरान, 10 अपै्रल। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में कल होने जा रही अमेरिका और ईरान की शांति वार्ता को लेकर संशय की स्थिति है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ईरान ने बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक लेबनान में युद्धविराम लागू नहीं किया जाता, वो कोई भी समझौता नहीं करेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, जब तक अमेरिका लेबनान युद्धविराम पर अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं करता, तब तक बातचीत निलंबित रहेगी।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता तब तक के लिए स्थगित कर दी गई है, जब तक वाशिंगटन इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम सुनिश्चित नहीं कर देता। वहीं,
रिपोर्ट के अनुसार, जब तक लेबनान में युद्धविराम नहीं हो जाता, ईरान की इस्लामाबाद में अमेरिकी पक्ष के साथ शांति वार्ता में भाग लेने की कोई योजना नहीं है।
ईरान ने उन खबरों को भी खारिज कर दिया है, जिसमें ईरानी प्रतिनिधिमंडल के इस्लामाबाद पहुंचने का दावा किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान ने कहा है कि इस स्तर पर अमेरिका के साथ बातचीत करने की उसकी कोई योजना नहीं है। एजेंसी ने कहा, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक रिपोर्ट में दावा किया था कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंच चुका है, जो कि गलत है।
अमेरिका और ईरान के बीच कल इस्लामाबाद में शांति वार्ता होनी है। इसके लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच चुका है, जिसका प्रतिनिधित्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर और सैन्य अधिकारी ब्रैड कूपर भी हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार, संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। विदेश मंत्री अब्बास अराघची और उप विदेश मंत्री मजीद तख्त खांची के भी शामिल होने की खबर है।
अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका अगले हफ्ते वाशिंगटन में इजरायल और लेबनान के बीच वार्ता की मेजबानी करेगा। अधिकारी ने कहा, हम इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि विभाग अगले हफ्ते इजरायल और लेबनान के साथ चल रही युद्धविराम वार्ता पर चर्चा करने के लिए एक बैठक आयोजित करेगा। यह घटनाक्रम इजरायल द्वारा लेबनान पर हमलों के बीच सामने आया है, जिसने युद्धविराम को खतरे में डाल दिया है।
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