भोपाल,11 अपै्रल (आरएनएस)। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) में जनसंपर्क अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। समापन सत्र में आयुक्त मनीष सिंह ने कंटेंट क्रिएशन को जनसंपर्क का सबसे महत्वपूर्ण पहलू बताते हुए अधिकारियों को भाषा और लेखन कौशल पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि योजनाओं को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग तरह के कंटेंट की जरूरत होती है।
प्रशिक्षण के समापन सत्र में आयुक्त मनीष सिंह ने स्पष्ट कहा कि जनसंपर्क के क्षेत्र में कंटेंट क्रिएशन की भूमिका सबसे अहम है। समाचार, फीचर, आलेख और एडवर्टोरियल जैसे विभिन्न माध्यमों के लिए अलग-अलग शैली के कंटेंट की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि प्रेस विज्ञप्ति की भाषा समाचार से अलग होती है, इसलिए अधिकारियों को भाषा की विशिष्टता समझकर काम करना चाहिए।
आयुक्त ने कहा कि जनसंपर्क अधिकारियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि वे शासन की योजनाओं को प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाएं। इसके लिए डिजिटल माध्यमों और आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने जिला कार्यालयों में ई-ऑफिस सॉफ्टवेयर के उपयोग और बेहतर वित्तीय प्रबंधन पर भी जोर दिया।
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में डिजिटल नवाचार, ई-ऑफिस, ई-एचआरएमएस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंटेंट मैनेजमेंट, आरटीआई, प्रेस नियम और वित्तीय प्रबंधन जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए गए।
अधिकारियों को जनसंपर्क विभाग के पोर्टल प्रबंधन और पत्रकारों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
इस अवसर पर एमसीयू के विद्यार्थियों के लिए जनसंपर्क विभाग में इंटर्नशिप कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन अनिल वशिष्ठ ने किया, जबकि समन्वय डॉ. शलभ श्रीवास्तव ने किया।
एमसीयू के कुलगुरू विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि जनसंपर्क के क्षेत्र में लेखन कौशल बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे छोटे विषयों पर भी प्रभावी तरीके से लिखें, क्योंकि अच्छी तरह लिखी गई खबर को बेहतर कवरेज मिलता है। उन्होंने जिला स्तर पर सक्सेस स्टोरी लिखने और सकारात्मक पहल को सामने लाने की भी सलाह दी।

