लखनऊ/लखीमपुर खीरी 12 अप्रैल (आरएनएस ),मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय परम्परा में धर्म की व्याख्या अत्यंत सहज और सरल है तथा ‘पर हित सरिस धर्म नहिं भाईÓ के भाव को जीवन में उतारते हुए सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्वी पाकिस्तान और बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए बंगाली परिवारों की कहानी केवल विस्थापन की नहीं, बल्कि साहस, संघर्ष और अदम्य जीवटता की अमरगाथा है।मुख्यमंत्री लखीमपुर खीरी की मोहम्मदी तहसील के मियांपुर में पूर्वी पाकिस्तान/बांग्लादेश से विस्थापित 331 परिवारों को भूमि अधिकार पत्र वितरण तथा 417 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 213 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक, मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को आवास की प्रतीकात्मक चाभी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र तथा आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने संविलियन विद्यालय मियांपुर में बच्चों से संवाद भी किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन की त्रासदी के बाद यहां बसने वाले बंगाली परिवारों को भूमि अधिकार देना गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 और 1971 में विस्थापित हुए इन परिवारों को दशकों तक उनका अधिकार नहीं मिल पाया, लेकिन अब उन्हें न्याय और सम्मान मिला है। उन्होंने बताया कि मियांपुर गांव का नाम बदलकर रविन्द्रनगर किया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र की पहचान राष्ट्रगान के रचयिता गुरुदेव रविन्द्रनाथ टैगोर के नाम से जुड़ सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन 331 परिवारों को भूमि अधिकार प्रदान किए गए हैं, उनके सदस्यों की संख्या बढ़कर 5,000 से अधिक हो चुकी है। इन परिवारों को 542 हेक्टेयर भूमि का मालिकाना अधिकार दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल भूमि का अधिकार नहीं, बल्कि सुरक्षित और स्थिर जीवन की गारंटी है, जिससे आने वाली पीढिय़ों का भविष्य मजबूत होगा।उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर जिलों में लगभग 65,000 विस्थापित हिंदू और सिख परिवार निवास कर रहे हैं और सरकार इन सभी को भूमि का मालिकाना अधिकार देने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पहल इतिहास में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर की जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का अर्थ केवल सड़क और पुल बनाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं को पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक गरीब को आवास, बिजली, शौचालय और नल से जल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बच्चों को नि:शुल्क यूनिफार्म, बैग, किताबें और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराकर शिक्षा को प्रोत्साहित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि जनपद की चार विधानसभा क्षेत्रों में 417 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है, जबकि वर्ष 2025 में भी यहां 1,622 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रारम्भ की गई थीं। उन्होंने कहा कि जनपद में मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो चुका है और एयरपोर्ट निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। गोला-गोकर्णनाथ में शिव मंदिर कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है, जिससे पर्यटन और रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में हुई अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए शीघ्र सर्वे कराकर ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनाÓ और ‘मुख्यमंत्री किसान आपदा सहायता योजनाÓ के तहत सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जनहानि, पशुहानि या अग्निकांड की स्थिति में तत्काल राहत प्रदान करने तथा जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।उन्होंने कहा कि मोहम्मदी क्षेत्र में मिलने वाला केतकी का फूल विशिष्ट पहचान रखता है और सरकार इसे विशेष पहचान दिलाने का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि जाति, मत और क्षेत्र के आधार पर विभाजन से बचते हुए ‘सबका साथ-सबका विकासÓ के संकल्प के साथ प्रदेश को आगे बढ़ाया जा रहा है।कार्यक्रम को आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना, विधान परिषद सदस्य अनूप गुप्ता, विधायक लोकेन्द्र प्रताप सिंह, विनोद शंकर अवस्थी, सौरभ सिंह ‘सोनूÓ, योगेश वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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