बागेश्वर,12 अपै्रल (आरएनएस)। उत्तराखंड पूर्व सैनिक संगठन की जिला इकाई की त्रैमासिक बैठक में सैनिक कल्याण अधिकारी समेत अन्य कर्मचारियों के वेतन रोकने के मामले पर चिंता जताई। संगठन ने जिलाधिकारी से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि संबंधित अधिकारी मेडल प्राप्त और ईमानदार हैं, ऐसे में उनके साथ इस प्रकार का निर्णय उचित नहीं है। स्थानीय होटल में बैठक में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए पदाधिकारी और पूर्व सैनिक शामिल हुए। यहां सैनिक हितों से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। कैंटीन भवन निर्माण की पूर्व घोषणा पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई। इस संबंध में डीएम के माध्यम से शासन से वार्ता का निर्णय लिया। जिला सैनिक परिषद में ऐसे सदस्यों के चयन की मांग उठी, जो पूर्व सैनिकों के हितों को प्रभावी ढंग से उठा सकें। तहसील परिसर स्थित शहीद स्मारक के पास पर्यटन विभाग द्वारा बनाए जा रहे शौचालय के निर्माण में देरी पर भी असंतोष व्यक्त किया। इन सभी मुद्दों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन देने का निर्णय लिया।सेना कैंटीन और ईसीएचएस व्यवस्थाओं की समय-समय पर समीक्षा करने तथा कर्मचारियों के स्थानांतरण की व्यवस्था लागू करने पर भी चर्चा हुई, ताकि व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें। सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय के नवीनीकरण और अतिथि/विश्राम कक्ष की बेहतर व्यवस्था के लिए जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को पत्र भेजने का भी निर्णय लिया। साथ ही कर्मचारियों के वेतन रोके जाने के मामले में पुनर्विचार के लिए प्रार्थना पत्र भेजने पर सहमति बनी। जिला सैनिक परिषद के सदस्यों का चयन चुनाव के माध्यम से कराने तथा तहसील व ब्लॉक स्तर पर संगठन के पदाधिकारियों की नियुक्ति का प्रस्ताव भी रखा। संगठन की बैठकों के लिए स्थायी मीटिंग हॉल उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष कैप्टन भूपेश दफौटी ने की, जबकि संचालन महासचिव रमेश भंडारी ने किया। इस अवसर पर दर्वान सिंह हरडिय़ा, तहरीश मेहरा, किशन ठठोला, कुंदन नगरकोटी, भूपेंद्र गडिय़ा, ललित मोहन, माधव सिंह, सुंदर बिष्ट, जसवंत सिंह हरडिय़ा सहित कई पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
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