संभल के इतिहास से जुड़ी एक संवेदनशील घटना पर बनी फिल्म ‘कल्कि संभलÓ लगातार चर्चा में बनी हुई है। 1978 के संभल दंगों की पृष्ठभूमि पर तैयार हो रही यह फिल्म शुरुआत से ही सामाजिक, राजनीतिक और ऐतिहासिक बहस का केंद्र रही है। पहले पोस्टर के सामने आते ही जहां विवाद और चर्चाएं तेज हो गई थीं, वहीं अब मेकर्स ने दूसरा पोस्टर जारी कर दिया है, जिसके बाद बहस एक बार फिर गर्मा गई है।
इस बार फिल्म निर्माताओं ने दंगों से जुड़े एक अहम और दर्दनाक किरदार को सामने रखा है, जिसने उस दौर की पीड़ा और जख्मों को फिर से याद दिला दिया है।
रिलीज किए गए दूसरे पोस्टर में सेठ बनवारी लाल गोयल के किरदार से पर्दा उठाया गया है। फिल्म से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सेठ बनवारी लाल गोयल 1978 के संभल दंगों में मारे गए प्रमुख पीडि़तों में शामिल थे। बताया जाता है कि वह उस समय ‘मुरारी लाल एंड संसÓ नाम की एक प्रतिष्ठित फर्म के मालिक थे और संभल के जाने-माने उद्योगपतियों में उनकी गिनती होती थी।
दंगों के दौरान भड़की हिंसा में सेठ बनवारी लाल गोयल की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। फिल्म में इस किरदार को अभिनेता रजनीश दुग्गल निभा रहे हैं। इस भूमिका के जरिए मेकर्स उस दौर की त्रासदी और आम लोगों पर टूटे हिंसा के कहर को दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
दूसरा पोस्टर सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कुछ लोग इसे इतिहास के उस हिस्से को सामने लाने की कोशिश बता रहे हैं, जिसे वक्त के साथ भुला दिया गया। वहीं, कुछ वर्ग फिल्म की मंशा और इसके संभावित असर को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले फिल्म के पहले पोस्टर को लेकर भी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी विवाद हुआ था। फिल्म के निर्माण और इसके विषय को लेकर बयानबाजी तेज हो गई थी, जो अब दूसरे पोस्टर के बाद फिर से चर्चा में आ गई है।
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