-गोष्ठी में वक्ताओं ने बताई उनके विचारों की प्रासंगिकता
अयोध्या 14 अप्रैल (आरएनएस)। संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 135वी जयंती कांग्रेस कार्यालय कमला नेहरू भवन पर हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। बाबा साहब के जयंती समारोह पर अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष राम सागर रावत के संयोजन में केक काटा गया, बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण किया गया तथा गोष्ठी का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एससी एसटी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष राम सागर रावत ,संचालन राजित राम कोरी ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष चेतनारायण सिंह ने कहा बाबा साहब ने समाज के निचले वर्ग को मुख्यधारा में लाने के लिए अभूतपूर्व कार्य किए। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर एक ऐसी शख्सियत है जिसे सभी राजनीतिक दल के लोगों द्वारा समान रूप से सम्मान प्राप्त है। महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम ने कहा बाबा साहेब के नाम से मशहूर आंबेडकर ने अपना सारा जीवन भारतीय समाज में व्याप्त जाति व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष में बिता दिया। उन्होंने भारतीय समाज में समानता लाने के काफी प्रयास किए। उन्होंने दलितों और पिछड़ों को उनका अधिकार दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष किया। उन्होंने हमेशा मजदूर वर्ग व महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया। पीसीसी सदस्य राम अवध पासी ने कहा कांग्रेस पार्टी जिसने सदैव बाबा साहब का सम्मान किया कांग्रेस पार्टी ने ही अंबेडकर जी को प्रथम कानून मंत्री बनाया ,संविधान निर्मात्री समिति का अध्यक्ष बनाया तथा उन्हें भारत रत्न की उपाधि से नवाजा।
पूर्व विधायक माधव प्रसाद ने कहा बाबा साहब ने समाज के निचले वर्ग को संविधान के रूप में एक ऐसा मजबूत हथियार दिया जिससे आज समाज का दबा कुचला गरीब वर्ग सर उठाकर चल सकता है। पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह तथा रामदास वर्मा ने कहा डॉ. भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान निर्माता के रूप में जाना जाता है. वह भारत के सामाजिक और कानूनी बदलावों में केंद्रीय भूमिका निभाने वाले महान विचारक थे. उन्होंने समानता, सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। कार्यक्रम के संयोजक अनुसूचित जाति जनजाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रामसागर रावत ने कहा बाबा साहब को दलित एवं पिछड़ों का रहनुमा बताते हुए कहा कि आज दलित वर्ग कांग्रेस से दूर हो गया जबकि दलितों को सबसे ज्यादा सम्मान कांग्रेस पार्टी ने ही दिया। बाबा साहब ने अपने जीवन काल में शिक्षा पर बहुत जोर दिया। गोष्ठी में प्रमुख रूप से एआईसीसी सदस्य उग्रसेन मिश्रा, वेद सिंह कमल, कप्तान सिंह,नाजिशफातिमा,राजकुमार पांडे,जिओ हैदर, राम बहादुरसिंह, फ्लावर नकवी, सोहनलाल, शत्रुघ्न वर्मा,राजेन्द्र प्रसाद, राम तीरथ रावत, डॉ विनोद गुप्ता, अशोक कनौजिया ,सोहन लाल, रामनाथ शर्मा ,श्रीपाल सरोज, रामनरेश करी, सरोज पासी, सत्रोहन कोरी, कविंद्र साहनी, विपिन चौधरी ,रविंद्र कोरी, सतनाम कोरी, अमरेंद्र भारती, भोलानाथ भारती, उमेश चंद्र उपाध्याय, अमीरू ,रामकरन कोरी ,रामनरेश, अनंत राम सिंह, मंसाराम यादव, अशोक कुमार राय, मोहम्मद आसिफ आदि उपस्थित रहे।
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