अजय दीक्षित
भारत के राजनीतिक इतिहास में पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री का कार्यकाल इतने सम्मान से समाप्त हुआ हो जिस तरह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सेवा निवृत्ति हुई है। नीतीश कुमार 2005 में मुख्यमंत्री बने थे और आज यानि बाबा साहब अम्बेडकर जी की जयंती पर उन्होंने पूर्ण बहुमत के साथ इतीफा दिया है ।वे 20 वर्ष से अधिक समय तक लगातार मुख्यमंत्री रहे है। आरंभ उनकी समता पार्टी थी और भारतीय जनता पार्टी से उनका गठबंधन था ।वह दौर भाजपा में अटलजी, आडवाणी जी का था।2010 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और जेडीयू को दो तिहाई सीट मिली लेकिन मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार
2015 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बैचारिक मतभेद चलते राजद के साथ लड़े और विधानसभा चुनाव में बहुमत भी लाए ।2020 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से समझौता कर चुनाव जीते लेकिन उनकी 47 सीट आई जबकि भारतीय जनता पार्टी की 77 विधायक चुनकर आए लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री बनाया क्योंकि 2019 के लोकसभा चुनाव में जेडीयू भाजपा, लोजपा के साथ मिलकर 39 सीट कुल 40 में से जीती ।2025 विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 89, जेडीयू,85, लोजपा 19, जीतनराम माझी को 6 सीट मिली।राजद का सूपड़ा साफ हो गया। लेकिन फिर भी नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने।यानि भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें 04 बार मुख्यमंत्री बनाया। लेकिन आज उन्होंने राज्य सभा में जाने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।बताया जाता है कि 75 वर्षीय नीतीश कुमार का स्वास्थ्य साथ नहीं दे रहा है यही मुख्य कारण है। नीतीश कुमार ने यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शेयर कर पद मुक्ति बात रखी ।
नीतीश कुमार ने 2005 में जब पद सम्हाला था तब उन्हें बीमार राज्य मिला था। चारों ओर लूट, अपराध, अपहरण,सरकारी डकैती,ठेका पर कब्जा ,राजद की गुंडागर्दी, महिलाओं से जुड़े अपराध, औद्योगिक विकास समाप्त जैसे वातावरण था ।सड़क टूटी फूटी, गड्ढे, बुनियादी ढांचे में कोई विकास नहीं था । ऐसे में नीतीश कुमार ने राज्य को खड़ा किया। अपराध मुक्त कराया। संगठित अपराधियों जेल में ठूसा।
नीतीश कुमार की सम्मान जनक बिदाई दी गई है वरना नरेंद्र मोदी के अलावा किसी ने अपने मन मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ा है। नरेंद्र मोदी ने भी प्रधानमंत्री पद की शपथ ले कर मुख्यमंत्री पद छोड़ा था।भारत के राजनीतिक इतिहास में
गोविंदबल्लभ पंत,कामराज नाडार, जयललिता, करुणानिधि, हेमवती नंदन बहुगुणा, सुचेता कृपलानी, मोहन लाल सुखाडिय़ा, मुलायम सिंह, सरीखे मुख्यमंत्री रहे।
बिहार के नालंदा जिले केबख्तियार पुर नामक गांव से कुर्मी जाति में जन्मे नीतीश कुमार के पिता वैद्य थे । नीतीश कुमार ने बहुत
विख्यात पटना इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़कर बी ई मैकेनिकल की डिग्री प्राप्त की उसके बाद वे राज्य इलेक्ट्रिकी बोर्ड में सहायक यंत्री बने लेकिन उनका मन राजनीति में रमता था।इस लिए वे जयप्रकाशनायरण के संपर्क में आए और राजनीत शुरू की ।1977 में वे लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए। उसके बाद अटलजी की सरकार में कृषि, रेल, मंत्री रहे और 2005 में मुख्यमंत्री बने। नीतीश कुमार का जीवन बहुत सुचिता पूर्ण रहा । नीतीश कुमार पर 20 वर्ष के मुख्यमंत्री तौर पर भ्रष्टाचार,भाई भतीजा बाद, पुत्र बाद का आरोप नहीं लगा है।जब वे अटलजी की सरकार 6वर्ष कबिनेट मंत्री रहे तब भी बहुत ही बेहतर कार्य किया था।
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