दतिया 16 अप्रैल (आरएनएस)। अवैध खनन के खिलाफ जिला प्रशासन की सख्ती ने एक नया उदाहरण रचा है। कलेक्टर न्यायालय दतिया ने बिना अनुमति पत्थर व बोल्डर के अवैध उत्खनन के मामले में 9 लोगों पर कुल 2 करोड़ 25 लाख रुपये का भारी अर्थदंड लगाया है। यह आदेश कलेक्टरस्वप्निल वानखेड़े ने आज जारी किया, जो खनिज संसाधनों की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
खनिज विभाग की गहन जांच में दतिया जिले के गिर्द क्षेत्र में सर्वे नंबर 1302 (रकबा 6.726 हेक्टेयर) की निजी भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन का खुलासा हुआ। आरोपी व्यक्तियों- राघवेंद्र गुगौरिया, महेंद्र कुमार, अवधेश उर्फ अवधकिशोर, लव अग्रवाल, गोविंद, संजय कुमार, यशदेव सिंह, विपिन गुप्ता एवं अनिल सोनी ने बिना किसी वैध अनुमति के पत्थर व बोल्डर का खनन किया। निरीक्षण के दौरान करीब 500 मीटर लंबाई, 3 मीटर चौड़ाई और 10 मीटर गहराई तक की खुदाई तथा लगभग 15,000 घन मीटर खनिज के अवैध उत्खनन की पुष्टि हुई।
इसके अलावा, असनई तालाब के निकट सर्वे नंबर 1279 क्षेत्र में करीब 10.66 हेक्टेयर भूमि पर पत्थर व बोल्डर का अवैध भंडारण भी पाया गया। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि इन सभी व्यक्तियों ने खनिज विभाग से कोई अनुमति प्राप्त नहीं की थी, जो खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम 2022 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस अवैध गतिविधि से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर क्षति हुई।
कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने मामले की गंभीरता को देखते प्रकरण में रॉयल्टी का 15 गुना अर्थदंड तथा पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति मिलाकर कुल 2 करोड़ 25 लाख रुपये का दंड निर्धारित किया। इस कार्यवाही से जिले में अवैध खनन पर लगाम लगाने का संदेश गया है। साथ ही, खनिज अधिकारी दतिया को नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें संपत्ति जब्ती और अन्य आवश्यक कदम शामिल हो सकते हैं।

