राजनांदगांव 16 अप्रैल (आरएनएस) शंकरपुर इलाके में पुरानी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया जब बजरंग चौक झरना के पास रास्ते में जा रहे युवक और उसके दोस्त पर अचानक हमला बोल दिया गया, 14 मार्च 2026 को प्रार्थी अपने दोस्त के साथ चिखली से शंकरपुर जा रहा था तभी आरोपी अमन डोंगरे उर्फ अमन डोरे अपने साथ एक विधि से संघर्षरत बालक और एक अन्य साथी के साथ वहां पहुंचा और पुरानी दुश्मनी के चलते पहले गाली-गलौच शुरू की फिर जान से मारने की नीयत से लकड़ी के डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, हालात तब और बिगड़ गए जब प्रार्थी के दोस्त पर चाकू से वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया, घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 296, 351(2), 115(2), 109(1), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया, मामला गंभीर था इसलिए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में चौकी चिखली पुलिस ने तत्काल टीम बनाकर आरोपियों की तलाश शुरू की, लगातार दबिश और सूचना तंत्र के जरिए पता चला कि आरोपी घटना के बाद गौरीनगर आउटर में छिपे हुए हैं, पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी की और मौके से मुख्य आरोपी अमन डोंगरे पिता दीपक डोगरे उम्र 18 वर्ष 03 माह निवासी शंकरपुर वार्ड नंबर 10 तथा विधि से संघर्षरत बालक को धर दबोचा, पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल किया और घटना में इस्तेमाल डंडा बरामद कराया गया, इसके बाद पुलिस ने विधिवत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया जबकि नाबालिग को संरक्षणात्मक अभिरक्षा में बाल सुधार गृह भेजा गया, पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी अमन डोंगरे पहले भी मारपीट के मामलों में शामिल रहा है जिससे उसकी आपराधिक प्रवृत्ति साफ सामने आती है, इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चंद्र मरई सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही, यह कार्रवाई साफ संकेत है कि राजनांदगांव में कानून हाथ में लेने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है ।
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