लखनऊ 16 अप्रैल (आरएनएस ) । उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा यात्रियों और कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए यात्री राहत योजना को लागू किया गया है। इस योजना के अंतर्गत किसी बस दुर्घटना में चालक या परिचालक की मृत्यु होने की स्थिति में उसके आश्रितों को आर्थिक राहत प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना के प्रावधानों के तहत निगम में कार्यरत नियमित, संविदा तथा आउटसोर्स कार्मिकों की कार्यरत रहने के दौरान किसी भी कारण से मृत्यु होने की स्थिति में उनके आश्रितों को अंतिम संस्कार हेतु तत्काल 20 हजार रुपये की धनराशि निगम आय से प्रदान की जाएगी। बाद में इस धनराशि का समायोजन यात्री राहत एवं सुरक्षा योजना से किया जाएगा।उन्होंने बताया कि इससे पूर्व कार्मिकों के आश्रितों को अंतिम संस्कार के लिए केवल 5 हजार रुपये की आकस्मिक सहायता दी जाती थी, जिसे बाद में संबंधित कार्मिक के मासिक वेतन से काट लिया जाता था। नई व्यवस्था के लागू होने से अब आश्रितों को अधिक आर्थिक सहयोग तत्काल उपलब्ध हो सकेगा और उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।परिवहन मंत्री ने कहा कि परिवहन निगम की बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों और निगम कर्मियों को बेहतर एवं उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह निर्णय विशेष रूप से कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे कठिन परिस्थितियों में उनके परिवारों को त्वरित सहायता मिल सके।उन्होंने यह भी बताया कि निगम द्वारा अपने चालकों और परिचालकों को निरंतर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि बस दुर्घटनाओं की घटनाओं में कमी लाई जा सके। इसके बावजूद यदि किसी दुर्घटना में चालक या परिचालक की मृत्यु हो जाती है, तो यह आर्थिक सहायता उनके आश्रितों के लिए महत्वपूर्ण सहारा सिद्ध होगी।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

