महासमुंद , 17 अप्रैल (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने ऑनलाइन आईपीएल सट्टेबाजी के एक बड़े और संगठित नेटवर्क का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिले के बसना, पिथौरा, सांकरा, सरायपाली और भंवरपुर क्षेत्रों में सक्रिय इस गिरोह पर एक साथ छापेमारी कर 9 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 3 आरोपी अभी भी फरार हैं।
मामले की शुरुआत भंवरपुर चौक से पकड़े गए आरोपी योगेश्वर देवांगन से हुई। पूछताछ में मिली अहम जानकारी के आधार पर पुलिस ने जिलेभर में सक्रिय अन्य सटोरियों की पहचान की। इसके बाद पांच विशेष टीमों का गठन कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर एक साथ दबिश दी गई।
छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन जब्त किए गए, जिनकी जांच में ऑनलाइन सट्टेबाजी के पुख्ता सबूत मिले हैं। फोन-पे और यूपीआई जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लेनदेन के प्रमाण सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में करीब 3 लाख रुपये से अधिक के अवैध लेनदेन का खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित हो रहा था, जिसमें अलग-अलग लोगों की भूमिकाएं तय थीं—कोई दांव लगवाता था तो कोई पैसों के लेनदेन को संभालता था। आरोपी डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से पूरा गिरोह बेनकाब हो गया।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 7(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस केस को संगठित अपराध मानते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। साथ ही, गिरोह के बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की गहन जांच की जाएगी, जिससे और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में अवैध सट्टेबाजी और ऑनलाइन जुए के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
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