दुर्ग 17 अप्रैल (आरएनएस) दुर्ग के रक्षित केंद्र में 17 अप्रैल को ऐसा नजारा देखने को मिला जहां पुलिस की पूरी कार्यप्रणाली मानो परत-दर-परत खुलकर सामने आ गई, पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य ने वार्षिक निरीक्षण के दौरान न सिर्फ परेड की सलामी ली बल्कि जवानों के टर्नआउट, फिटनेस और अनुशासन की सख्त जांच करते हुए साफ संदेश दिया कि वर्दी सिर्फ जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रतिबद्धता का प्रतीक है, परेड ग्राउंड पर कदमताल से लेकर चेहरे के आत्मविश्वास तक हर चीज परखी गई, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को मौके पर सम्मानित कर बाकी बल को भी प्रेरित किया गया, इसके बाद निरीक्षण सीधे जमीन से तकनीक की ओर बढ़ा जहां वाहन शाखा में एमटी परेड के जरिए गाड़ियों की हालत, रखरखाव और उपयोगिता का बारीकी से परीक्षण हुआ और यहीं पहली बार ड्रोन यूनिट का प्रदर्शन हुआ जिसने पूरे कार्यक्रम को हाईटेक मोड़ दे दिया, जिले में मौजूद दो ड्रोन यूनिट की कार्यक्षमता को लाइव परखा गया और भविष्य की पुलिसिंग की झलक दिखाई दी, निरीक्षण यहीं नहीं रुका बल्कि रक्षित केंद्र और पुलिस लाइन की अलग-अलग शाखाओं में जाकर रिकॉर्ड, व्यवस्थाओं और सिस्टम की गहन समीक्षा की गई जिससे साफ हुआ कि केवल मैदान ही नहीं बल्कि दफ्तर भी बराबर कसौटी पर हैं, इसके बाद सबसे अहम पड़ाव रहा पुलिस दरबार जहां अधिकारी और कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं सीधे शीर्ष अधिकारी के सामने रखीं और IG ने मौके पर ही त्वरित समाधान के निर्देश देकर साफ कर दिया कि व्यवस्था सिर्फ आदेश से नहीं बल्कि संवाद से मजबूत होती है, पूरे कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौड़, यातायात एएसपी रिचा मिश्रा और ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चंद्रा सहित जिले के सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे, IG ने अपने संबोधन में हर पुलिसकर्मी को प्रोफेशनल, अनुशासित और फिट रहने की सख्त नसीहत दी जबकि एसएसपी ने टीम वर्क, समन्वय और जनता के प्रति संवेदनशीलता को पुलिसिंग की असली ताकत बताया, कुल मिलाकर यह निरीक्षण सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि एक सख्त संदेश था कि अब दुर्ग पुलिस को हर मोर्चे पर फिट, फास्ट और फ्यूचर-रेडी रहना होगा—क्योंकि कानून की ताकत तभी दिखती है जब सिस्टम अंदर से मजबूत हो।


