रायपुर 17 अप्रैल (आरएनएस) हजारों वाहन मालिकों के लिए राहत और चेतावनी दोनों साथ आई है, यातायात पुलिस ने साफ कर दिया है कि जिन लोगों के ई-चालान अब तक लंबित हैं और कोर्ट में ट्रांसफर हो चुके हैं, उनके लिए मई में लगने वाली लोक अदालत आखिरी मौका साबित हो सकती है, 17 अप्रैल 2026 को यातायात कमिश्नरेट रायपुर की ओर से जारी निर्देशों में बताया गया कि 31 दिसंबर 2025 से पहले जारी हुए सभी लंबित ई-चालानों का निराकरण लोक अदालत में किया जाएगा लेकिन इसके लिए 5 मई 2026 तक नजदीकी यातायात थाना में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा, बिना रजिस्ट्रेशन के मामला लोक अदालत में जाएगा ही नहीं और फिर सीधे न्यायालयीन प्रक्रिया झेलनी पड़ेगी, पुलिस उपायुक्त यातायात विकास कुमार ने सख्त निर्देश देते हुए साफ कहा है कि लोक अदालत के बाद भी जिन मामलों का निराकरण नहीं होगा, ऐसे वाहन सीधे जब्त किए जाएंगे और कोर्ट में पेश किए जाएंगे जिससे वाहन मालिकों की मुश्किलें कई गुना बढ़ सकती हैं, यातायात पुलिस अब लंबित चालानों को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में है, संबंधित वाहन मालिकों को मोबाइल कॉल के जरिए सूचना दी जाएगी और व्हाट्सएप पर नोटिस भी भेजा जाएगा ताकि कोई यह न कह सके कि उसे जानकारी नहीं थी, शहर के 9 प्रमुख यातायात थाना—तेलीबांधा, भाठागांव, शारदा चौक, फाफाडीह, भनपुरी, टाटीबंध, पंडरी, पचपेड़ीनाका और कालीबाड़ी स्थित यातायात मुख्यालय—को रजिस्ट्रेशन के लिए चिन्हित किया गया है जहां जाकर वाहन मालिक अपने लंबित प्रकरण को लोक अदालत में पेश करवाने के लिए दर्ज करा सकते हैं, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अगर ई-चालान का निराकरण नहीं कराया गया तो सिर्फ कानूनी कार्रवाई ही नहीं बल्कि वाहन से जुड़े सभी काम भी अटक सकते हैं, यानी न फिटनेस, न ट्रांसफर, न कोई अन्य सुविधा, कुल मिलाकर यह एक ऐसा अलर्ट है जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है—समय रहते चालान भरिए, वरना सड़क से सीधे कोर्ट तक का सफर तय करना पड़ेगा।
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