IPL सट्टे का हाईटेक खेल बेनकाब: नागपुर से दबोचा गया ‘सांई ऐप’ का मास्टरमाइंड, 2 साल से बेच रहा था सट्टा ID
राजनांदगांव 18 अप्रैल (आरएनएस) अक्षरशः मोबाइल स्क्रीन पर चल रहे करोड़ों के खेल को आखिरकार पुलिस ने तोड़ दिया—राजनांदगांव पुलिस ने IPL सट्टे के हाईटेक रैकेट के उस मास्टरमाइंड को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है, जो ‘सांई ऐप’ के जरिए सट्टेबाजों को ID और पासवर्ड बेचकर पूरे नेटवर्क को चला रहा था और हर ID के बदले मोटी रकम वसूल रहा था, यह कार्रवाई थाना बसंतपुर और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने की, जहां पहले ही मोहारा नाला के पास संचालित इस ऑनलाइन सट्टा गिरोह का खुलासा कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, लेकिन इस पूरे खेल का असली संचालक फरार था, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार तकनीकी साक्ष्य जुटा रही थी, आखिरकार लोकेशन नागपुर में ट्रेस होते ही टीम ने दबिश दी और आरोपी सादिक खान पिता जानी मिया खान उम्र 34 वर्ष निवासी मानकापुर पागल खाना चौक थाना मानकापुर जिला नागपुर महाराष्ट्र को हिरासत में लेकर राजनांदगांव लाया गया, पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह पिछले करीब 2 साल से सांई ऐप में सट्टा ID और पासवर्ड बनाकर देता था और हर ID के लिए 5 हजार से 10 हजार रुपए तक वसूलता था, इतना ही नहीं ऐप में तकनीकी दिक्कत आने पर उसे ठीक करने के नाम पर 2 से 3 हजार रुपए फोनपे और QR कोड के जरिए लेता था, यानी पूरा नेटवर्क डिजिटल पेमेंट और ऐप बेस्ड सिस्टम पर चल रहा था, पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एप्पल कंपनी का एक मोबाइल भी जब्त किया है, इस मामले में थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 151/2026 के तहत धारा 6, 7, 8 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, धारा 318(4), 112(2) भारतीय न्याय संहिता और 66(D) आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज है, इससे पहले पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन व अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई में वीरू प्रजापति, रूपेश पांडे, आयुष मेश्राम, मोहित देवांगन, लक्की देवांगन उर्फ नरेंद्र देवांगन और मूलचंद प्रजापति को गिरफ्तार कर उनके पास से लैपटॉप, मोबाइल, चार्जर, नगदी और सट्टा पट्टी समेत करीब 5 लाख 50 हजार रुपए की सामग्री जब्त की जा चुकी है, इस पूरी कार्रवाई में साइबर सेल के निरीक्षक विनय पम्मारम, थाना प्रभारी एमन साहू सहित उपनिरीक्षक नरेश बंजारे, इब्राहिम खान, देवादास भारती और आरक्षक मनीष वर्मा, हरिश ठाकुर की अहम भूमिका रही, पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लिंक खंगाल रही है, साफ है कि डिजिटल दौर में सट्टा भी हाईटेक हो चुका है लेकिन कानून की पकड़ उससे ज्यादा तेज है—ऑनलाइन जुए की यह दुनिया जितनी चमकदार दिखती है, उसका अंजाम उतना ही काला होता है।

