दंतेवाड़ा ,18 अप्रैल (आरएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष श्री संतोष गुप्ता ने अपने बयान में कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के लिए आवश्यक संविधान संशोधन बिल को लेकर जो स्थिति बनी, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह विधेयक देश की महिलाओं को लोकसभा एवं विधानसभा में 33त्न आरक्षण प्रदान कर उन्हें निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था।उन्होंने कहा कि आज़ादी के 78 वर्षों तक महिला सशक्तिकरण का विषय अधिकतर भाषणों और वादों तक सीमित रहा, लेकिन भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क नेतृत्व में केंद्र सरकार ने इस सोच को बदलते हुए ठोस पहल की है।उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल का विरोध कर कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर अपनी संकीर्ण मानसिकता का परिचय दिया है। इस कदम से देश की करोड़ों महिलाओं की आशाओं और अधिकारों को आघात पहुँचा है।उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को 33त्न आरक्षण देने जैसे महत्वपूर्ण बिल को रोकना न केवल निंदनीय है, बल्कि यह दर्शाता है कि विपक्ष महिलाओं की वास्तविक भागीदारी के प्रति गंभीर नहीं है। कांग्रेस और उसके सहयोगियों का इतिहास महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में देखने का रहा है।जिला अध्यक्ष ने कहा कि आज देश की महिलाएँ जागरूक हैं और अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं। वे इस प्रकार के रवैये को भली-भांति समझती हैं और समय आने पर इसका लोकतांत्रिक जवाब अवश्य देंगी।संतोष गुप्ता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी महिला सशक्तिकरण के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध है और आगे भी महिलाओं के सम्मान, अधिकार एवं सशक्त भागीदारी के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
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